Home Business प्रतिबंध के बाद भी चल रहा है छोटी हिल्सा मछली का व्यापर

प्रतिबंध के बाद भी चल रहा है छोटी हिल्सा मछली का व्यापर

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मालदा ,01 अगस्त। मछलियों में सबसे स्वादिष्ट हिल्सा मछली को माना गया है। बाज़ार में इसकी मांग को देखते हुए इसके संरक्षण के लिए छोटी हिल्सा मछलियों को पकडने पर  राज्य सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया। प्रसासन के प्रतिबंध के बावजूद भी मालदा के मत्स्य बाजार में धड़ल्ले से चल रहा है यह कारोबार। नगर पालिका एवं राज्य प्रसासन की तरफ से ऐसे व्यपारियों के ख़िलाफ़ कड़ा कदम उठाने कि बात कहि गई है। बहुत जल्द ही प्रसासन की तरफ से विभिन्न मत्स्य बाजारों का मुयाअना किया जायेगा। मत्स्य दफ्तर कि सुचना के मुताबिक हिल्सा मछली के संरक्षण के लिए अलग क़ानून बनाया गया है। 500 ग्राम से कम वजन वाली मछलियां न तो पकड़ी जाएंगी और न ही बेचीं जाएंगी। मालदा मत्स्य व्यवसायी समिति के सदस्य जहाँगीर आलम ने बताया कि वें लोग भी छोटी हिल्सा मछली नहीं बेचना चाहते किन्तु बाहर से  उनकों बड़ी मछली के साथ छोटी मछली भी भेज देते है।  नुकसान के डर से वो छोटी मछली बेचने को बाध्य हो जाते है। दूसरी ओर कलियाचक 3 नंबर ब्लॉक के सोभापुर इलाके के मल्लाह रहीम शेख तथा अब्दुल करीम ने बताया कि 20 वर्षों से वो मछली पकड़ने का काम करते है। हिल्सा मछली जाल में फसते ही थोड़ा ऊपर लाने से मर जाती है।  जिसके कारण उसे बाज़ार में बेचना पड़ता है। इंग्लिश बाजार  नगर निगम के चेयरमैन निहार घोष ने बताया कि मालदा के विभिन्न मत्स्य बाजारों में छोटी हिल्सा मछली बेचा जा रहा है यह  बात हमारे संज्ञान में आई है। मत्स्य दफ्तर से इसके खिलाफ अभियान चलाने पड़ उन्हें नगर पालिका की तरफ़ से हर संभव मदद की जाएगी।