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सिलीगुड़ी के व्यापारी आखिर आयकर टीम से नाराज क्यों हैं

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इस पर सार्थक विचार करने की जरूरत है कि सिलीगुड़ी के व्यापारी आखिर आयकर टीम से नाराज क्यों हैं. पिछले 2 दिनों से सिलीगुड़ी मर्चंट एसोसिएशन के व्यापारी जगह जगह जाकर दुकानें बंद करवा रहे हैं और एक तरह से सिलीगुड़ी बाजार को ठप करने की धमकी या कह सकते हैं कि उनकी छटपटाहट दिख रही है. आखिर यह स्थिति क्यों आयी, उस पर गौर करने की जरुरत है. व्यपारियों का कहना है कि आयकर विभाग के अधिकारी सर्वे के नाम पर उन्हें परेशान कर रहे हैं. अगर उन्हें सर्वे करना ही है तो करे लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि हफ्ते में सभी दिन सर्वे ही करते रहे,तो हम व्यापार कब करेंगे, व्यापारियों के पक्ष में श्री गौरीशंकर गोयल का कहना है. दूसरी ओर  आयकर टीम के अधिकारी अपना काम कर रहे हैं और उन्हें लगता है कि उनके काम में रुकावट डाली जा रही है. देखा जाए तो ऐसा कुछ नहीं है. वर्तमान स्थिति में व्यापार करना या व्यापार में मुनाफा कमाना आसान  नहीं है.सिलीगुड़ी के व्यापारी जी एस टी तथा दूसरे टैक्स को जोड़कर सबसे ज्यादा टैक्स सरकार को देते हैं, जिसके बाद यह  मानना ही होगा कि ना केवल सिलीगुड़ी बल्कि भारत के व्यपारियों की कमाई काफी कम हो गई है. जैसे-तैसे व्यापारी अपने व्यापार को जीवित रख रहे हैं और इतना ही नहीं , कई लोगों का पेट भी भर रहे. जहां तक सिलीगुड़ी के व्यापारियों का प्रश्न है, इन दिनों वे अपने व्यापार को लेकर खासा चिंतित हैं. पहाड़ में लगातार भूस्खलन, बाढ़ व बारिश के चलते कारोबार पर इसका असर दिख रहा है. दूसरी ओर ऐसे समय में इनकम टैक्स के अधिकारियों का रेड उनकी झुंझलाहट व भड़ास को दिखाता है. यह ठीक है कि कानून को अपना काम करने देना चाहिए, इनकम टैक्स के अधिकारी कानून का पालन करते हैं और कानून के मुताबिक अपना काम करते हैं. लेकिन उन्हें यह भी देखना जरूरी है कि कानून की आड़ में व्यापारी परेशान ना हो. सर्वे करना इनकम टैक्स का अधिकार है और वह करते रहेंगे. व्यापारियों का भी यही मानना है और वह इसमें दखलअंदाजी भी नहीं चाहते, लेकिन उनका यह कहना कि बार बार सर्वे करने से उनके कारोबार पर इसका असर पड़ता है, यह वाजिब है. यह मनोवैज्ञानिक तौर पर सही है कि जब आप अपना काम धाम छोड़कर अधिकारियों के साथ रोज-रोज सहयोग करते रहे तो व्यापार कब करें. आयकर टीम को इस पर सोचने की जरुरत है. इसलिए गौरीशंकर गोयल ने कहा है कि इनकम टैक्स के अधिकारी सर्वे के नाम पर उन्हें परेशान ना करें. अगर उन्हें किसी तरह का सहयोग चाहिए तो सिलीगुड़ी के व्यापारी सहयोग करने के लिए तैयार हैं, लेकिन इस तरह बार-बार दुकान पर आना और कर्मचारियों को परेशान करना, यह कहां तक उचित है. आयकर टीम के रवैये से परेशान होकर सिलीगुड़ी के व्यापारियों ने सड़क पर उतरने का जो फैसला कर लिया है, ऐसा लगता है कि आने वाले समय में व्यापारी आर-पार की लड़ाई लड़ सकते हैं या तो आयकर टीम के लोगों को अपनी व्यवस्था बदलनी होगी या फिर सिलीगुड़ी प्रशासन को ही कुछ करना होगा. दुर्गा पूजा करीब आ रही है. यह वक्त बाजार को जमाने का होता है लेकिन इसी समय इनकम टैक्स का रेड पड़ना व्यापारियों के लिए चिंता का विषय बन गया है. बेहतर होगा कि इस मुद्दे पर ना केवल आयकर टीम के अधिकारी, बल्कि सिलीगुड़ी के व्यापारी और प्रशासनिक अधिकारी भी विचार करें और एक ऐसा रास्ता निकाला जाए ताकि सिलीगुड़ी में व्यापार भी हो और कानून भी अपना काम करता रहे. आज सिलीगुड़ी के व्यापारियों ने सेवक रोड, हिल कार्ट रोड, नया बाजार आदि स्थानों में जुलूस निकाला. इस जुलूस के बहाने उन्होंने अपनी एकता का परिचय दिया. बहरहाल इस मुद्दे पर सिलीगुड़ी के व्यापारी एक हैं. अब  गेंद आयकर टीम और प्रशासनिक अधिकारियों के पाले में है. देखना है कि इस समस्या का किस प्रकार से समाधान निकाला जाता है. कहीं ऐसा ना हो कि काफी देर हो जाए…

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