Home Business खबर समय का उद्देश्य नई पीढ़ी को सावधान करना, गुमराह करना नहीं

खबर समय का उद्देश्य नई पीढ़ी को सावधान करना, गुमराह करना नहीं

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खबर समय ने पब कल्चर पर एक सीरीज शुरू किया है. हमारा उद्देश्य सिलीगुड़ी के किसी भी पब अथवा नाइट क्लबों के बारे में उल्टा-सीधा लिखना और ना ही उन्हें बदनाम करना है, जैसा कि हम पर आरोप लगाए जा रहे हैं। हमारा उद्देश्य एकमात्र नई पीढ़ी को सावधान करना है और इसी उद्देश्य को लेकर हम लगातार काम कर रहे हैं। बच्चों पर नजर रखने की जिम्मेवारी हर मां-बाप की तो होती ही है, साथ ही हमारे समाज का भी दायित्व होता है और हम सभी इसी समाज के अंग हैं। बच्चे किसी के भी हो सकते हैं. उनको बुराइयों से बचाना तथा उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाना हमारा फर्ज है। उन्हें गुमराह होने से बचाना हमारा नैतिक धर्म है, लेकिन जब से हमने यह सीरीज शुरू किया है, कुछ लोगों को आपत्ति हो रही है ।उन्हें लग रहा है कि हम उन्हें बदनाम कर रहे हैं। हम स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि हमारा उद्देश्य किसी को बदनाम करना नहीं अथवा न ही किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना है| हम तो सिर्फ समाज को और आने वाली पीढ़ी को बचाना और उन्हें सावधान करना चाहते हैं। उनके कैरियर और शिक्षा के उपयोग की बात करना चाहते हैं। अनेक लोगों ने हमें ना समझ कर उल्टी सीधी प्रतिक्रिया भेजी है। एक सज्जन ने लिखा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं कि हम कुछ भी लिखते रहें। खबर समय आपकी बात से इत्तेफाक रखता है लेकिन साथ ही यह सवाल भी उठाता है कि क्या नौजवान पीढ़ी को गुमराह होने से बचाने के लिए हम कोई कदम उठा रहे हैं तो क्या ये अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन माना जाएगा?  अगर नौजवान पीढ़ी को हम समाज के सरोकार के बारे में बता रहे हैं तो क्या हम बुरा कर रहे हैं?  हमने सिलीगुड़ी के किसी भी पब अथवा बार का नाम नहीं दिया, हम तो सिर्फ पाश्चात्य संस्कृति जो आमतौर पर बार और क्लबों में देखी जा रही है, उससे नौजवान पीढ़ी को सतर्क करने के लिए ही प्रयास कर रहे हैं| कुछ लोगों ने यह तर्क दिया है कि हम ग्राहकों को मनोरंजन प्रदान करते हैं| हम किसी को मजबूर नहीं करते, लेकिन इस तरह  अपना पल्ला झाड़ देने से सच्चाई बदल नहीं जाती|  उन्हें भी अपने गिरेबान में झांकना होगा| एक अन्य सज्जन ने लिखा है कि पबो में महिलाओं की एंट्री फ्री होती है तो सिर्फ सिलीगुड़ी में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में ऐसा होता है| उन्होंने लिखा है कि कुछ मादक पदार्थ बेचने वाली कंपनियां पबों के लिए स्पॉन्सर भी करती हैं और वे ही महिलाओं को फ्री में वाइन सर्व करती हैं| अगर कोई महिला पीना ना चाहे, तो उसके साथ जबरदस्ती भी नहीं की जा सकती| यह तो खूबसूरत बहाना है|कुछ लोगों ने हमें अंजाम भुगतने तक की धमकी दी है| हम ऐसी धमकियों की परवाह नहीं करते, क्योंकि हमें पांच लाख से ज्यादा दर्शकों का प्यार व समर्थन मिल रहा है| वे हमारे साथ खड़े हैं|ऐसा लगता है कि हम जिस मिशन के लिए काम कर रहे हैं उसमें या तो वे जानबूझकर रुकावट डाल रहे हैं अथवा चाहते ही नहीं कि नई पीढ़ी जिम्मेवार बने और भारतीय सभ्यता और संस्कृति का हिस्सा बने| कुछ लोगों ने फोटोग्राफ्स के बारे में यह लिखा है कि हम उसे बोल्ड बनाकर पेश करते हैं और वे फोटोग्राफ्स असली नहीं हैं| हम स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि हमारे सवांददाता पूरे उत्तर बंगाल में फैले हुए हैं| वे सब जगह समाज की गतिविधियों पर नजर रखते हैं| सवांददाताओं के द्वारा विभिन्न पबो द्वारा जारी की गई तस्वीरे है इन्ही भेजी गयी तस्वीरों को एडिट करने के बाद ही हम उसे जारी करते हैं| हम यह भी स्पस्ट कर देना चाहते हैं कि हम किसी की व्यक्तिगत ज़िन्दगी में ताक-झांक नहीं करते हैं, जो हम पर आरोप लगाया गया है|

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