Home Entertainment अनजान शहर में ना हो दिक्कत इसलिए करें ये काम

अनजान शहर में ना हो दिक्कत इसलिए करें ये काम

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किसी नए शहर में पहली नौकरी मिले तो उत्साह ही अलग होता है. वेतन और भत्तों जैसी महत्पूर्ण चीज़ों पर मोलभाव करते समय जिस गर्व की अनुभूति होती है, वह भावना बेशकीमती होती है. एक पल में आप बड़े हो जाते हैं, सयाने हो जाते हैं. और फिर आती है परिणाम की घड़ी- एक शहर से दूसरे शहर शिफ्ट करने का समय. मां के हाथ का खाना और बचपन के यार- इन सबसे दूर एक अनजान, नए शहर में शिफ्ट करना तनावपूर्ण लग सकता है.

मन में कई सवाल उठते हैं, कई चीज़ों की टेंशन होती है- कहां रहेंगे? फर्नीचर कहां से जुटाएंगे? जरूरत के समय कौन मदद करेगा? हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे तरीके जिनसे आप इन सब दिक्कतों को सहजता से दूर कर सकते हैं:

1. सबसे महत्त्वपूर्ण: सही मकान की तलाश

किसी नए शहर में पहुंचने के बाद काफी परेशानी होती है, समझ नहीं आता कि कहां रहें, अपने लिए घर की खोज कहाँ से शुरू करें. इसका बेहतरीन तरीका यह है कि अपना टिकट बुक करने से पहले ही एक मकान बुक कर लें. अपने ऑफिस के आसपास के इलाके में ही तलाश करें. मकान अगर आपके नए ऑफिस के आसपास मिला तो आपके आने-जाने का समय और पैसा दोनों बचेगा. अगर आपका बजट सीमित है तो भी कोई बात नहीं, दूसरे बेहतरीन विकल्प चुनें और यह सुनिश्चित करें कि यह ऐसा इलाका हो, जो पब्लिक ट्रांसपोर्ट से अच्छी तरह से जुड़ा हो और उसके आसपास सभी बुनियादी सुविधाएं हों.

2. फर्नीचर की दिक्कत

यदि फुली फर्निश्ड मकान देखते हैं तो आपको फर्नीचर की चिंता से मुक्ति मिल जाएगी. इससे बेसिक फर्नीचर खरीदने के लिए आपको किसी तरह की रकम खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और इस बचत से आप कुछ एक्स्ट्रा घरेलू सामान खरीदने की लग्जरी हासिल कर सकते हैं.  इस तरह आप घर से दूर होने पर भी घर जैसी एक जगह बनाने में सफल होंगे. यही नहीं, मकान छोड़ने के समय भी आप फर्नीचर शिफ्ट करने की दिक्कत और खर्च- दोनो से बच जाएंगे.

3. अकेले रहना किसको पसंद है?

क्या आप भी चाहते हैं की आपके पास आपकी पहली सैलरी मिलने पर साथ पार्टी करने वाले रूममेट्स हो जिनके साथ आप महीने भर का खर्च बांट लें और घर के काम मिलजुल कर पूरे कर लें? ये फैसला आपको करना है. नए शहर में अकेलेपन से बचना है तो शेयरिंग वाला फ्लैट लें. हां, इससे थोड़ी निजता ख़त्म हो सकती है मगर कम से कम आप महीने के आखिर में अकेले,  उदास तो नहीं बैठे होंगे, और न ही इसका असर आपकी कार्यक्षमता पर पड़ेगा.

4. ऑफिस आने-जाने के लिए क्या करें

किसी नए शहर में रहने का मतलब है कि न तो होगी आपके पास पापा की कार, और न ही होगी आपकी पसंदीदा बाइक. इसलिए यह जरूरी है कि आप पहले से ही नए शहर के यातायात के साधन देख-समझ लें, अपने  मकान के जो सबसे करीब साधन उपलब्ध हों, उसकी सेवाएं लें.

आखि‍रकार आपको अपनी नई नौकरी के लिए समय पे पहुंचना है और अपने सीनियर्स की नजर में एक दीर्घकालिक अच्छी छवि बनानी है. क्या आप ऐसा नहीं चाहेंगे? तो अपने ऑफिस के लिए कौन सा रूट लेना है, उसे तय कर लें. बस/मेट्रो/लोकल ट्रेन आदि की पूरी टाइमिंग आपको याद रखनी चाहिए. यदि सौभाग्य से आपके रूममेट्स का ऑफिस भी आपके ऑफिस के आसपास है, या आप एक ही ऑफिस में काम करते हैं, तो उनके साथ आप पूलिंग का विकल्प भी अपना सकते हैं.

5. प्रोफेशनल कॉन्टैक्ट बनाएं

सेटल हो जाने के बाद आप ऐसे लोगों से कॉन्टैक्ट बनाना शुरू करें जो आपको आपके पेशे में तरक्की करने में मदद कर सकते हों. इसमें आपके फ्लैट के पार्टनर भी काम आ सकते हैं. अलग-अलग प्रोफेशनल बैकग्राउंड और तरह-तरह के अनुभव होने की वजह से वे अपनी जानकारी और संपर्क के द्वारा आपको ऐसे लोगों से मिलाने में मदद कर सकते हैं, जो निकट भविष्य में नए अवसरों के दरवाजे खोल सकें. यह आपके लिए फ्लैट शेयर करने की एक और वजह हो सकती है.