Home India जाधव मामला: हरीश साल्वे ने कोर्ट में रखा अपना पक्ष

जाधव मामला: हरीश साल्वे ने कोर्ट में रखा अपना पक्ष

379
0
jadhav case

भारत ने कोर्ट की सुनवाई में कहा कि भारत की अपील के सात दिन के अंदर ही इस मामले की सुनवाई करना ये बताता है कि इंटरनेशनल कोर्ट कितनी सीरियसली ले रहा है. पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को कोई मदद नहीं की, मैं भारत की ओर से यह बताना चाहता हूं कि भारत के 125 करोड़ लोग कुलभूषण जाधव की वापसी की राह देख रहे हैं.हम चाहते हैं कि बिना किसी सुनवाई के पकिस्तान की मिलेट्री कोर्ट  के फैसले पर रोक लगाई जाये. पाकिस्तान ने वियना संधि का उल्लंघन किया| इसके तहत उन्होंने कुलभूषण जाधव को किसी से भी मिलने की इजाजत नहीं दी|  कुलभूषण जाधव को फांसी देना मानवाधिकार उल्लंघन है| भारत के कहने के बावजूद पाकिस्तान ने हमें कुलभूषण जाधव से जुड़ी कोई जानकारी नहीं दी | हमारी मांग है कि सिर्फ मिलिट्री कोर्ट की सुनवाई के आधार पर कुलभूषण जाधव को फांसी ना दी जाए |  वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने भारत का पक्ष रखते हुए कहा कि 1963 के उल्लंघन के वियना संधि के तौर पर इस मामले को अगर देखा जाए तो यह मामला उल्लंघन के तौर पर आता है| कुलभूषण जाधव को 14 मार्च को गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद पाकिस्तान की मिलट्री अदालत ने उन्हें कोर्ट की सजा सुनाई| भारत ने कुल 16 बार इस मामले को लेकर पाकिस्तान के सामने सुनवाई लगाई, लेकिन पाकिस्तान ने भारत की बात नहीं सुनी.भारत को कुलभूषण जाधव की गिरफ्तारी की जानकारी 25 मार्च के बाद मिली|  इस ट्रायल के दौरान जाधव के खिलाफ लगाये गये आरोपों और सबूतों को भारत को मुहैया नहीं कराया गया है| हमारे पास एक प्रेस रिपोर्ट की कॉपी है इसके साथ ही पाकिस्तान के अखबार जहां-ए-पाकिस्तान के आर्टिकल को पढ़ते हुए कहा कि भारत को इस मामले की अधिकतर जानकारी पाकिस्तानी मीडिया से मिली है| हमनें कई बार इसका जिक्र किया है कि प्रोविजनल कदम के तहत यह फैसला सुनाया गया है|

Facebook Comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here