Home India तीन दशक बाद भारतीय सेना को मिली नई तोपें

तीन दशक बाद भारतीय सेना को मिली नई तोपें

348
0
indan army new canoon

भारतीय सेना को करीब तीन दशक बाद नई तोपें मिलेंगी। बीएई सिस्टम से मिली दो 155 एमएम/39 कैलिबर अल्ट्रा लाइट हॉविटजर्स (यूएलएच) तोपों का राजस्थान के पोखरण स्थित फायरिंग रेंज में परीक्षण किया जाएगा। अमेरिका से 2010 में एम777 बंदूकों के लिए शुरू किए गए सौदे के मद्देनजर सरकार ने पिछले साल 26 जून को 145 बंदूकों के इस सौदे की घोषणा की थी। 2900 करोड़ का यह सौदा दोनों सरकारों के बीच पिछले साल नवंबर में फॉरेन मिलिट्री सेल्स (एफएमएस) रूट के अंतर्गत पूरा हुआ था। 1980 में स्वीडन के बोफोर्स तोप के बाद सेना में कोई आधुनिक तोपनुमा बंदूकों को शामिल नहीं किया गया था। सौदे में कथित रिश्वत के भुगतान को लेकर एक विवाद था, जिस कारण तोपखाने के आधुनिकीकरण के सभी सौदों को वापस ले लिया गया।भारतीय सेना की योजना है कि वर्ष 2020 तक 169 रेजिमेंट में 3503 तोपों को शामिल किया जाए। इनमें भारत में बनाए गए अत्याधुनिक तोप भी शामिल होंगें। हालांकि भारतीय तोपों का निर्माण कार्य तय वक्त से पीछे चल रहा        है |पोखरण के फायरिंग रेज में गुरुवार को जिन दो एम777 हॉविटजर्स तोपों परीक्षण होना है, उन्हें भारतीय माहौल में भारतीय आयुधों को दागने लायक बनाया गया है। परीक्षण के दौरान इन तोपों से विभिन्न प्रकार के आयुधों का इस्तेमाल करके देखा जाएगा।अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया की सेनाएं पहले ही एम777 हॉविटजर्स तोपों का इस्तेमाल कर रही हैं। इराक और अफगानिस्तान में ये तोपें तैनात हैं। इन दो एम777 हॉविटजर्स तोपों के बाद सितंबर 2018 में भारतीय सेना को तीन और एम777 हॉविटजर्स तोपें मिलेंगी।