Home India ओवरटेकिंग बना सिरदर्द

ओवरटेकिंग बना सिरदर्द

578
0

जब हम ट्रैफिक की बात करते हैं तो ट्रैफिक से ही जुड़ा एक मसला है -ओवरटेकिंग. बड़े- बड़े शहरों में ओवरटेकिंग एक बड़ी समस्या बन गई है. दिल्ली, कोलकाता, मुंबई आदि की बात तो छोड़िए अब तो छोटे शहर सिलीगुड़ी में भी ओवरटेकिंग यात्रियों के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है. खासकर निजी वाहनों के चालक और कंडक्टर अधिक से अधिक कमाई करने और यात्रियों को चढ़ाने के चक्कर में एक दूसरे से आगे निकल जाने की जो गलतियां करते हैं, उसमें किसी की जान भी जा सकती है, इस ओर  उनका ध्यान नहीं होता. ओवरटेकिंग के इस तरह के  कई मामले आए दिन देखे सुने जाते हैं. ताजा मामला नक्सलबाड़ी का है, जहां पानीटंकी से सिलीगुड़ी जा रही दो बसों के बीच ओवरटेकिंग एक व्यक्ति के लिए मुसीबत बन गई. नक्सलबाड़ी थाना सूत्रों से पता चला है कि नक्सलबाड़ी रेलवे स्टेशन पर काम करने वाला एक 22 वर्षीय व्यक्ति सड़क पर अपनी बाइक खड़ा कर फोन पर किसी से बात कर रहा था, उसी समय तेजी से आ रही 1 बस ने अपना नियंत्रण खो दिया और फोन पर बात  कर रहे व्यक्ति को धक्का मार दिया. स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में उसे नक्सलबाड़ी अस्पताल पहुंचाया, बाद में उसे उत्तरबंग मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया. इस घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने पथ अवरोध किया. खैर यह तो होना ही था. ट्रैफिक के कुशल संचालन में चालकों और कंडक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. चालक और कंडक्टर को प्रशिक्षण के क्रम में ही ट्रेफिक के नियमों का बुनियादी पाठ पढ़ाया जाता है. ओवरटेकिंग बड़े शहरों की एक समस्या है. लेकिन यह समस्या तब भारी हो जाती है जब ओवरटेकिंग के नियमों का पालन नहीं किया जाता है. यह सब कुछ सिग्नल पद्धति से होता है. ओवरटेकिंग के लिए चालक सिग्नल देता है, इससे दूसरा वाहन चौकस हो जाता है. लेकिन जब दोनों वाहनों में यात्रियों को उठाने की होड़ लगी हो तो कौन किसके इशारों पर चलेगा. इस तरह की स्थिति में आम आदमी मारा जाता है. बड़े शहरों में तो रोजाना इस तरह की घटनाएं सामने आती है. लेकिन अब छोटे शहरों में भी ओवरटेकिंग एक बड़ी समस्या बन गई है. पश्चिम बंगाल की सरकार इन दिनों सेफ ड्राइव सेव लाइफ का लोगो जन जन तक पहुंचा रही है. वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों का पाठ पढ़ाया जा रहा है. ऐसे में यह जरूरी है कि उन्हें ओवरटेकिंग का भी पाठ पढ़ाया जाए.अगर कोई चालक ओवरटेकिंग के नियमों का पालन नहीं करता, तो उसका लाइसेंस जब्त कर लिया जाना चाहिए. इसके नियमों का पालन करने पर चालकों को बस चलाने की अनुमति मिले, इसकी भी व्यवस्था होनी चाहिए. तभी इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता है.