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टीनेजर लड़कियों पर मेहरबान सिलीगुड़ी के पबों की दुनिया का एक काला सच

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हम ऐसे देश में रहते हैं, जहां की मिट्टी की खुशबू और भारतीयता हमारी संस्कृति की गरिमा को महकाती रहती है| हमें अपनी संस्कृति पर गर्व है| चाहे हम ग्रामीण क्षेत्रों में रहे अथवा शहरी क्षेत्रों में, हम अपनी संस्कृति को बनाए रखना चाहते हैं, लेकिन धीरे-धीरे ऐसा लग रहा है कि समय हमारे हाथ से निकलता जा रहा है| नई पीढ़ी एक नई संस्कृति की ओर अग्रसर हो रही है| नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से बोरियत होती है और इसीलिए वह इंटरटेनमेंट के लिए वेस्टर्न शैली की ओर कदम बढ़ा रही है| इसका प्रमाण है शहरों में कुकुरमुते की तरह खुलते जा रहे पब, सिंगिंग बार, वेस्टर्न, म्यूजिकल डांस हाउस इत्यादि| लेकिन हम यहाँ पब कल्चर की बात कर रहे हैं| जहां तक सिलीगुड़ी की बात है, आज सिलीगुड़ी के किसी क्षेत्र में विकास हुआ हो या ना हुआ हो, लेकिन पब कल्चर का जरूर विकास हुआ है| पिछले एक-डेढ़ साल में सिलीगुड़ी में कम से कम 20 नए पब खुले हैं, जो सिलीगुड़ी के सेवक रोड और दूसरे क्षेत्रों के साथ साथ माटीगाड़ा में भी देखे जा सकते हैं| माटीगाड़ा स्थित शॉपिंग मॉल में छुट्टियों और आमतौर पर शनिवार-रविवार को पब में ज्यादा भीड़ होती है| आमतौर पर नौजवान लड़के-लड़कियां एंटरटेनमेंट के लिए पबों में जाते हैं, जहां पीना-पिलाना और लड़कियों के साथ ग्लैमरस व बोल्ड फोटो खिंचवाना, गर्लफ्रेंड के साथ महकी-महकी बातें करना, प्यार और दोस्ती के बीच डांस का जलवा यह सब पब कल्चर का ही एक हिस्सा है| इसके बारे में हम विस्तार से किसी दिन चर्चा करेंगे, लेकिन आज एक ज्वलंत सवाल है कि ऐसे पबों में प्रवेश के लिए एक ओर जहां लड़कों से एंट्री फीस वसूली जाती है वहीं दूसरी ओर लड़कियों को प्रवेश के लिए कोई फीस क्यों नहीं रखी जाती है? इतना ही नहीं, अगर लड़कियां पब में ड्रिंक वगैरह भी करना चाहे तो यह सेवा भी उन्हें मुफ्त में प्रदान की जाती है| हालांकि इसका कोई वैधानिक नियम नहीं है| फिर भी पब मालिक लड़कियों को एंट्री फीस और दूसरी मूलभूत सेवाओं से फ्री रखे हुए हैं| इसका क्या कारण है? पब मालिक तर्क देने के लिए कुछ भी दे सकते है पर ऐसा लगता है कि टीनएजर लड़कियों को पब में एंट्री देने अथवा उन्हें उत्साहित करने के पीछे पब मालिकों का कथित स्वार्थ छिपा होता है| वे एक तरह से लड़कियों को चारे की तरह इस्तेमाल करते हैं, ताकि अधिक से अधिक टीनएजर लड़के पबों में आए और रुपये लुटाते रहें| इस तरह से उनका कारोबार खूब फलता फूलता रहे| प्रियंका नामक एक 18 वर्षीय युवती ने बताया कि सिलीगुड़ी के कुछ पब वाले लड़के लड़कियों को नशे की दलदल में धकेल रहे हैं, जिन लोगों को भले ही पीने की इच्छा ना हो, फिर भी उन्हें दूध या पानी के नाम पर उस में नशा मिलाकर सर्व करते है| हल्का नशा होने के बाद लड़के या लड़कियां बहकने लगते हैं| कल्पना कर सकते हैं कि इस स्थिति में उनके साथ कुछ भी हो सकता है| कोई उनकी इस स्थिति का फायदा उठाकर ब्लैकमेल कर सकता है अथवा उनकी आपत्तिजनक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल कर सकता है| यहां भी ग्राहकों के साथ चीटिंग होता है| अगर आप अपने दोस्तों के साथ हुक्का बार में बैठे हो, तो जरा संभल कर रहिए क्योंकि ये पब वाले हुक्के में भी नशा मिलाकर सर्व कर सकते हैं| जब एक बार नशा चढ़ता है तो सारी दुनिया रंगीन नजर आती है| इस स्थिति में ग्राहकों को पर्स की चिंता नहीं होती और दोनों हाथों से रुपए लुटाए जाते हैं| प्रमिला नामक एक कॉलेज में पढ़ने वाली युवती ने बताया कि वह कभी-कभार ही पब में जाती है| उसने बताया कि आजकल पब वाले काफी शातिर हो गए हैं| वे ग्राहकों को लूटने के लिए सभी इंतजाम करके रखते हैं| देखा जाता है कि पबों में विशेष फोटोग्राफी की अनुमति भी मिल जाती है| यूं तो पबों के अपने फोटोग्राफर होते हैं, जो लड़के या लड़की अथवा दोनों की ग्लैमरस तस्वीरें खींचकर उसे इंटरनेट पर पोस्ट कर देते हैं| इसके द्वारा वे क्या संदेश देना चाहते हैं? यह भी समझ से परे की बात है| खैर इसके बारे में हम आगे भी चर्चा करेंगे लेकिन पहली और ज्वलंत समस्या यह है कि पबों में टीनएजर  लड़कियों की एंट्री फीस क्यों नहीं ली जाती?  क्या ऐसा करके पब वाले लड़के-लड़कियों को बिगड़ने पर मजबूर नहीं कर रहे हैं?

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