Home India सिलीगुड़ी शहर में ताजिया का जुलूस, क्यों मनाया जाता है मोहर्रम…

सिलीगुड़ी शहर में ताजिया का जुलूस, क्यों मनाया जाता है मोहर्रम…

299
0

आज पूरे देश की भाति सिलीगुड़ी शहर में भी मोहर्रम मनाया जा रहा है. मुसलमानों का प्रमुख त्यौहार मोहर्रम आज है.
इस्‍लामी मान्‍यताओं के अनुसार इराक में यजीद नाम का जालिम बादशाह इंसानियत का दुश्मन था. यजीद खुद को खलीफा मानता था, लेकिन अल्‍लाह पर उसका कोई विश्‍वास नहीं था. वह चाहता था कि हजरत इमाम हुसैन उसके खेमे में शामिल हो जाएं. लेकिन हुसैन को यह मंजूर नहीं था और उन्‍होंने यजीद के विरुद्ध जंग का ऐलान कर दिया था. पैगंबर-ए इस्‍लाम हजरत मोहम्‍मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन को कर्बला में परिवार और दोस्तों के साथ शहीद कर दिया गया था. जिस महीने हुसैन और उनके परिवार को शहीद किया गया था वह मुहर्रम का ही महीना था. इस तरह पैगंबर मोहम्मद के नाती हजरत इमाम हुसैन आज ही शहीद हुए थे. इमाम हुसैन की याद में मुसलमान शोक मनाते हैं वे ताजिया का जुलूस निकालते हैं.12वीं शताब्दी में ग़ुलाम वंश के पहले शासक क़ुतुबुद्दीन ऐबक के समय से ही दिल्ली में इस मौक़े पर ताज़िये (मोहर्रम का जुलूस) निकाले जाते रहे हैं. उनके बाद जिस भी सुल्तान ने भारत में राज किया, उन्होंने ‘ताज़िये की परंपरा’ को चलने दिया. मुसलमान भाई ताज़िये के जुलूस में अपना शोक व्यक्त करते हुए इमाम हुसैन की याद ताजा करते हैं.सिलीगुड़ी में आज शाम लगभग 6:00 बजे हिल कार्ट रोड जामा मस्जिद से ताजिया निकाला जाएगा जो बर्दवान रोड स्थित कर्बला तक जाएगा. ताजिया के जुलूस को लेकर शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. वाहनों का आवागमन बाधित रहेगा. खासकर हिल कार्ट रोड, बर्दवान रोड पर जुलूस के दौरान वाहन नहीं चलेंगे. शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस व्यवस्था की गयी है. जुलूस में शामिल लोगों को शांति और संयम से काम लेने की सलाह दी गई है. पुलिस ऐसे लोगों पर निगाह रखेगी जो धारदार हथियार लेकर चलेंगे. मुख्य मार्ग पर कई स्थानों पर शिविर लगाए गए हैं. खबर लिखे जाने तक जुलूस निकालने की तैयारी हो रही थी.

 

Facebook Comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here