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उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज में ट्रामा सेंटर चालू करना आसान नहीं

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खबर ऐसी है कि सिलीगुड़ी के उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ट्रामा केयर सेंटर चालू करने के निर्देश स्वास्थ्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने दिए हैं. लेकिन यह कैसे संभव होगा, यह उन्होंने नहीं बताया. क्योंकि जिस तरह की हमें जानकारी है उसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि यह इतना आसान नहीं है. ट्रामा सेंटर के लिए एक न्यूरो सर्जन,, 3 एनेस्थीसिया के डॉक्टर, एक मेडिकल ऑफिसर, टेक्नीशियन तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की आवश्यकता होती है, जो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में है ही नहीं. इन सबकी नियुक्ति राज्य सरकार करती है. उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल की स्थिति ऐसी नहीं है कि वहां ट्रामा केयर सेंटर चालू हो सके. अस्पताल परिसर में उचित संसाधनों का अभाव दिख रहा है. जो उपकरण चाहिए वह अस्पताल के पास नहीं है. हालांकि स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया है कि डॉक्टरों  तथा स्वास्थ्य कर्मियों की शीघ्र व्यवस्था कर दी जाएगी, लेकिन कहना और करना दोनों में फर्क है. उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज में पहले से ही चिकित्सकों तथा स्वास्थ्य कर्मियों की कमी है. अस्पताल एक लंबे समय से इस कमी से जूझ रहा है. अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण भी अस्पताल के पास नहीं है. कई मामलों में अस्पताल को कोलकाता पर निर्भर रहना पड़ता है. हालाकि केंद्र सरकार का दबाव है जल्द से जल्द उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज में ट्रामा केयर सेंटर चालू किया जाए और ऐसी भी जानकारी है कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को लगभग ₹700  करोड़ रुपये आवंटित किये हैं. अब देखना यह है कि राज्य सरकार चालू करने की दिशा में क्या कदम उठाती है और यह भी कि ट्रामा केयर सेंटर उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कब चालू होता है. फिलहाल उत्तर बंगाल के लोगों को इंतजार ही करना होगा.