Home India क्या तृणमूल के नेता पार्टी को कमज़ोर नहीं कर रहे ?

क्या तृणमूल के नेता पार्टी को कमज़ोर नहीं कर रहे ?

188
0
फाइल फोटो

लगभग सभी पार्टियों में कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो विकास कार्यों में कम लेकिन अपने अनाप-शनाप के बयानों से पार्टी को जरूर नुकसान पहुंचाते हैं. चाहे भाजपा हो या तृणमूल कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के कई नेता आजकल एक दूसरे को खरी-खोटी सुनाने में लगे हैं. इसका असर पार्टी पर भी पड़ता है और पार्टी हाईकमान भी प्रभावित होता है. पिछले पंचायत चुनाव में राज्य तृणमूल कांग्रेस की मुख्य प्रतिद्वंदी भाजपा के बीच संघर्ष आज भी जारी है. दोनों ही पार्टियों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ उल्टे सीधे बयान आते रहते हैं. तृणमूल कांग्रेस के बीरभूम जिला अध्यक्ष अनुब्रत मंडल इन दिनों विवादों में घिर गए हैं. उन्होंने अपनी पार्टी की एक बैठक में कहा है कि भाजपा को तोड़ने के लिए उनके पास एक ही मंत्र है कि जो लोग भाजपा करते हैं, उनके खिलाफ गांजा तस्करी के झूठे मामले दर्ज करवा दिया जाए. इसके बाद पुलिस उनकी नेतागिरी झार देगी. एक जिम्मेवार पार्टी के नेता का यह बयान ठीक नहीं है. इसका पार्टी पर असर तो पड़ेगा ही, विपक्षी पार्टी खासकर भाजपा इसे भुनाने की कोशिश करेगी. इन दिनों मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सारा जोर विकास पर टिका है. वह कई कार्यक्रमों का शिलान्यास और उद्घाटन भी कर रही है. मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिया है कि पार्टी के नेता जनता के काम करें और विकास कार्यों में मुख्यमंत्री का सहयोग करें. मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था अथवा अन्य मामलों में भी सख्ती दिखाई है. उदाहरण के लिए भूमि माफिया का मामला हो या  कानून का मामला ,जिसमें उन्हीं की पार्टी के कई नेता गिरफ्तार हो चुके हैं. इस तरह का साहसिक फैसला केवल  मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ले  सकती हैं. ममता बनर्जी की पार्टी के कुछ लोग पार्टी को बदनाम कर रहे हैं और विपक्षी पार्टी को भुनाने का मौका भी दे रहे हैं. इन सब से उन्हें बचना चाहिए और पार्टी की मुखिया होने के नाते ममता बनर्जी को ऐसे लोगों पर नकेल कसने की जरूरत है.

Facebook Comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here