Home Uttar Dinajpur अवकाश तालिका में सरस्वती पूजा का अवकाश नहीं होने पर उठा विवाद 

अवकाश तालिका में सरस्वती पूजा का अवकाश नहीं होने पर उठा विवाद 

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उत्तर दिनाजपुर , 11 जनवरी ।  प्राथमिक शिक्षा संसद की अवकाश तालिका में जनवरी महीने में आयोजित होनेवाली सरस्वती पूजा का उल्लेख नहीं  होने से  उत्तर दिनाजपुर जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों में विवाद शुरू हो गया है। मालूम हो कि  2016 साल की अवकाश तालिका में सरस्वती पूजा का अवकाश शामिल था । बुधवार को  प्राथमिक शिक्षा संसद की ओर से प्रकाशित अवकाश तालिका  के नीचे संसद के उपाध्यक्ष जाहिद आलम आरजू एवं स्कूल परिदर्शक आनिमुल एहसान का हस्ताक्षर किया हुआ है। जहाँ अंग्रेजी के नए साल एवं विवेकानन्द जयन्ती के दिन अवकाश का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा नेताजी जयन्ती, प्रजातन्त्र दिवस के दिन अवकाश का उल्लेख किया गया है। मकर संक्रान्ति के दिन का उल्लेख किया गया है लेकिन इस बारे में अवकाश का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। जबकि तालिका में सरस्वती पूजा का कोई जिक्र नहीं किया गया है।

    प्राथमिक शिक्षा संसद सूत्रों के अनुसार शिक्षा विभाग की ओर से 2018 साल में अवकाश की पूरी तालिका अभी तक नहीं दी गयी है। इसलिए नोटिस देखर सिर्फ जनवरी महीने की अवकाश प्रकाशित की गई है। सवाल यह है कि इसमें सरस्वती पूजा के अवकाश का उल्लेख क्यों नहीं? इस बारे में संसद के उपाध्यक्ष जाहिद आलद आरजू को फोन किया गया  लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं मिला। बार-बार फोन लगाने के बाद भी स्कूल परिदर्शक आमिनुल एहसान ने भी फोन नहीं उठाया। प्राथमिक स्कूल के  शिक्षकों के अनुसार सरस्वती पूजा का अवकाश हर साल रहता है। उस दिन पढ़ाई बन्द राखी जाती है क्योंकि उस दिन माँ सरस्वती की पूजा का आयोजन किया जाता है। लेकिन उस दिन अवकाश नहीं रहने की  वजह से संशय बना हुआ है। हालही में जारी अवकाश तालिका की माने तो सरस्वती पूजा के दिन उस दिन भी स्कूल खुला रखना होगा। तृणमूल संचालित प्राथमिक शिक्षक संगठन के अध्यक्ष स्वराज साहा ने कहा कि यह मामला हमलोगों की नजर में आया है। उस दिन स्कूल बन्द रखना होगा। इसके लिए हमलोगों ने आवेदन किया है।

    इस मामले में भाजपा अध्यक्ष निर्मल दाम ने कहा कि राज्य में नए साल के पहले दिन स्कूलों को अवकाश दिया गया है। लेकिन सरस्वती पूजा की अवकाश नहीं दी गई। यह जातिवादी तोषण की राजनीति है। हमलोग इसका विरोध  करेंगे।यह् इच्छानुसार किया गया है। इससे लोगों के मन को ठेस पहुँचा है।

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