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इस्लामपुर की घटना के राजनीतिक मायने

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जब कोई घटना घटती है तो उसका असर आसपास तथा धीरे धीरे पूरे परिवेश और क्षेत्रों पर दिखने लगती है. राजनीतिक दल अपनी रोटियां सेकने में जुट जाते हैं. घटना की निंदा की जाती है और राजनीतिक दलों में इस बात की होड लग जाती है कि कौन कितना करीब घटना के है. इस्लामपुर की घटना आजकल चर्चा का विषय बन गयी है. इस घटना में दो लोगों की मौत हुई है. विभिन्न राजनीतिक दल घटना के विरोध में बंद बुला रहे हैं. शुक्रवार से ही बंद का सिलसिला शुरू हो गया था जो आज भी जारी है. आज एस ऍफ़ अई की तरफ से छात्र हड़ताल बुलाई गई है. वाममोर्चा ने भी धिक्कार जुलूस निकाला है और भी कई राजनीतिक दल हैं जिन्होंने अपने अपने तरीके से राजनीतिक रोटियां सेकनी शुरू कर दी है. इस्लामपुर की घटना उर्दू माध्यम के शिक्षकों की नियुक्ति से बढ़ते जनाक्रोश के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच संघर्ष के परिणाम स्वरूप सामने आई है. इस्लामपुर कॉलेज के तृतीय वर्ष के छात्र तापस गोली लगने के बाद उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल सिलीगुड़ी में भर्ती था, जहां उसकी मौत हो गई. इसके बाद ही इस्लामपुर में तनाव बढ़ गया. हालांकि पुलिस ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए कानूनन कई कदम उठाए हैं. उपद्रव फैलाने वाले 12 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है. इस घटना के पीछे बताया जाता है कि इस्लामपुर ब्लॉक के दाढ़ी बिट उच्च विद्यालय में सरकार ने 3 उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति की थी. स्थानीय लोगों तथा छात्रों का कहना था कि   स्कूल में उर्दू माध्यम के छात्र ही नहीं हैं तो ऐसे में उर्दू शिक्षकों की आवश्यकता ही क्यों? घटना की शुरुआत इसी तथ्य के गिर्द आरोप-प्रत्यारोप प्रदर्शन से शुरू हुई थी. धीरे धीरे मामला ईट पत्थर पर चला गया. पुलिस ने मामले को संभालने की कोशिश की और फिर इस प्रकार की घटना सामने आई. इस्लामपुर की घटना या प्रदेश में किसी भी स्थान में ऐसी घटना हो सकती है लेकिन ऐसी घटनाओं पर नियंत्रण भी पाया जा सकता है. अगर पुलिस ईमानदारी से काम करे, बिना किसी पक्ष में और केवल कानून का पालन करे तो किसी को कोई शिकायत नहीं होगी. लेकिन होता ऐसा नहीं है. पुलिस मजबूर हो जाती है.पुलिस पर दबाव डाला जाता है, ऐसे में इस तरह की घटनाएं सामने आती है. राजनीतिक दल ऐसी घटनाओं में अपना नफा नुकसान देखते हुए घटना का पूरा राजनीतिकरण कर देते हैं. भुगतना जनता को होता है.इस्लामपुर में यही हो रहा है.