Home India पूर्व डीएम निखिल निर्मल की गिरफ्तारी कब?

पूर्व डीएम निखिल निर्मल की गिरफ्तारी कब?

517
0

पूर्व डीएम निखिल निर्मल तथा उनकी पत्नी नंदिनी कृष्णन ने जिस तरह कानून हाथ में लेकर थाना में घुसकर आरोपी युवक विनोद सरकार की पिटाई की थी, उसकी सजा तो उन्हें मिल चुकी है लेकिन इस पूरे मामले में निखिल निर्मल को बचाने की जैसी कोशिश हो रही है, यह लोकतंत्र और कानून के लिए ठीक नहीं है. कानून सबके लिए बराबर है. अगर कोई दोषी है तो कानून के अनुसार ही उसे सजा दी जानी चाहिए. विनोद सरकार नामक युवक ने फेसबुक पर निखिल निर्मल की पत्नी को अश्लील कमेंट भेजा था. इसकी सजा तो उसे मिली, लेकिन दुखद बात यह है कि जो काम पुलिस को करना चाहिए, उसे पूर्व डीएम ने किया. सरकार ने इसको संज्ञान में लिया और निखिल निर्मल को उनकी करतूत की सजा भी मिली, लेकिन अब प्रश्न यह उठता है कि निखिल निर्मल की गिरफ्तारी कब होगी, क्योंकि निखिल निर्मल ने थाना में घुसकर कानून ताक पर रखकर एक आरोपी की पिटाई की है, जो उनका क्षेत्र नहीं था. इसके लिए पुलिस और कानून होता है. आरोपी युवक विनोद सरकार को कानून ने जमानत पर रिहा किया है तो उसके मन में यही टीस उठ रही है कि उसने अपराध किया तो कानून ने उसे सजा दी. निखिल निर्मल ने अपराध किया तो पुलिस ने उन्हें अब तक क्यों नहीं गिरफ्तार किया .कानून उन्हें कब तक सजा देगा .यह प्रश्न बार-बार आरोपी युवक के दिमाग में उमड़ घूमर रहा है. उसका प्रश्न जायज भी है, क्योंकि कानून की निगाह में सब एक समान हैं. अगर एक को सजा मिलती है तो दूसरे को भी सजा मिलनी चाहिए. इस पूरे मामले में मानवाधिकार कर्मी भी शक के दायरे में आया है . इसके अलावा पुलिस महकमा के आला अधिकारी भी जिनकी मौजूदगी में युवक की पिटाई की गई .उन्होंने डीएम को ऐसा करने से क्यों नहीं रोका. ममता बनर्जी की सरकार ने इसको गंभीरता से लिया है और जिस आईसी सौम्यजीत राय के सामने यह घटना घटी, उनका तबादला कर दिया गया है. अब वह कूच बिहार के कोतवाली थाना के प्रभारी बना दिए गए हैं. इस पूरे प्रकरण में डीएम की पत्नी नंदिनी कृष्णन भी दोषी हैं. जो वीडियो वायरल हुआ है उसमें साफ-साफ दिख रहा है कि नंदिनी ने भी युवक की पिटाई की थी, तो पुलिस और कानून ने नंदिनी को अब तक क्यों नहीं गिरफ्तार किया? यह भी सवाल है कि क्या नंदिनी कृष्णन की गिरफ्तारी होगी. यह पूरा मामला दिन पर दिन पेचीदा होता जा रहा है. और उतना ही रहस्यमय भी शुरू से ही दिख रहा है. अस्पताल से आरोपी युवक विनोद मानवाधिकार कर्मी सुकुमार घोष के घर कैसे पहुंच गया, अभी इस रहस्य से भी पर्दा नहीं उठा है. ऐसा लग रहा है कि पूर्व डीएम निखिल निर्मल को बचाने के लिए पूरे मामले की लीपापोती की जा सकती है. आरोपी युवक विनोद सरकार की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है .हो सकता है कि विनोद सरकार पर दबाव बनाकर उसे तोड़ने की चेष्टा की जा सकती है. इस पूरे प्रकरण में कई सवाल उठ खड़े हुए हैं लेकिन जवाब नदारद. इसका हश्र क्या होगा, यह सब भविष्य के गर्भ में है. अब देखना यह है कि यह कांड और कितना लंबा जाता है और क्या गुल खिलाता है. अंतिम सूचना मिलने तक अलीपुरद्वार के जिला न्यायालय ने निखिल निर्मल के खिलाफ आपराधिक मुक़दमा चलाने का आदेश दे दिया है. इससे यह समझा जाता है कि आज नहीं तो कल डीएम की गिरफ्तारी तय है.

Facebook Comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here