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सिलीगुड़ी के करदाता व्यापारियों में अंतरिम बजट से खुशी!

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आज केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार का अंतरिम बजट केंद्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल ने पेश कर देश के लगभग सभी निम्न व मध्यम वर्गों का दिल जीत लिया है. पहली बार सरकार ने दिल खोलकर मध्यमवर्ग को राहत पहुंचाई है. जीएसटी की मार झेल रहे व्यापारियों को भी काफी लाभ हुआ है. ना केवल इतना ही, बल्कि असंगठित क्षेत्र के कामगारों तथा ऐसे वेतन भोगियों जिनकी आय सालाना 500000 रुपए तक है , को आयकर छूट की सीमा से बाहर रखा गया है .पहले यह छूट ढाई लाख रुपए तक थी. हालांकि टैक्स स्लैब में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है.

मध्यवर्ग, प्राइवेट कर्मचारी और किसान भी खुश

अंतरिम बजट में किसानों के साथ साथ श्रमिकों और बैंक या पोस्ट ऑफिस में फिक्स्ड डिपॉजिट करने वाले लोगों को भी काफी राहत दी गई है. ऐसे किसान जिनकी आय बहुत कम है अथवा जिनके पास बहुत कम भूमि है, 1 एकड़ तक की भूमि वाले किसानों को सरकार ₹6000 देगी .यह रकम सरकार सीधे उनके खाते में जमा करेगी. वर्तमान में बैंक या पोस्ट ऑफिस से जमा रकम पर प्राप्त ब्याज अगर ₹10000 से अधिक है तो आपका टैक्स कटता है ,अंतरिम बजट में इसकी सीमा ₹40000 तक कर दी गई है. यानी ₹40000 तक आप ब्याज पाते हैं तो इस ब्याज पर कोई टैक्स नहीं कटेगा. इस तरह यह बजट श्रमिक, मजदूर, किसान मध्यमवर्ग और व्यापारियों के लिए राहत देने वाला बजट है .हालांकि कांग्रेस ने इसे चुनावी बजट करार दिया है . दूसरे राजनीतिक दलों ने भी इसकी आलोचना की है, जो कि स्वाभाविक है. पर इस बजट से निश्चित रूप से मध्यमवर्ग और किसानों में खुशी है. बजट प्रस्ताव के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इसे ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि इस बजट में सभी लोगों का ध्यान रखा गया है. क्योंकि यह अंतरिम बजट है, अतः आगामी नई सरकार ही इस बजट को लागू कर पाएगी .हमारे संवाददाता ने सिलीगुड़ी के नया बाजार और महावीर स्थान के कई व्यापारियों से बात की और अंतरिम बजट पर उनकी राय जानने की कोशिश की. स्थानाभाव यहां हम उनका नाम प्रकाशित नहीं कर पाए हैं, लेकिन व्यापारियों ने इसे सकारात्मक रूप से लिया है और खुशी जताई है. खासकर सिलीगुड़ी के वे लोग ज्यादा खुश हैं, जिनकी सालाना इनकम 500000 से ज्यादा नहीं है .पहले 500000 तक की आय पर उन्हें 13000 रुपये टैक्स देना पड़ता था. अब उन्हें यह टैक्स नहीं देना होगा. सीधे-सीधे ₹13000 का उन्हें लाभ मिल रहा है .बजट की चौतरफा सराहना मिल रही है. इसमें कोई शक नहीं है कि मोदी सरकार का यह चुनावी बजट है .अब देखना यह है कि इस चुनावी बजट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कितना लाभ हो पाता है.

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