Home Lifestyle आधी हकीकत आधा फ़साना… सिलीगुड़ी के मसाज पार्लरों का नंगा सच

आधी हकीकत आधा फ़साना… सिलीगुड़ी के मसाज पार्लरों का नंगा सच

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आधी हकीकत आधा फ़साना  सिलीगुड़ी के मसाज पार्लरों का नंगा सच सिलीगुड़ी उत्तर बंगाल में एक नगर के रूप में विकसित होता जा रहा है| पिछले एक दशक में सिलीगुड़ी का काफी विकास हुआ है| बड़ी-बड़ी इमारतें, मॉल, मल्टीप्लेक्स, बड़ी-बड़ी दुकानें, मनोरंजन और सौंदर्य   के विकसित होते साधन,सिलीगुड़ी की विशेषताएँ हैं| सिलीगुड़ी एक व्यापारिक केंद्र भी कहा जाता है| सिलीगुड़ी को उत्तर-पूर्व भारत का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है| आसाम, सिक्किम, भूटान, बांग्लादेश जाने के लिए आपको सिलीगुड़ी से होकर ही जाना पड़ता है| सिलीगुड़ी उत्तर बंगाल के प्रमुख शहरों में अपना पहला स्थान बना चुका है| सिलीगुड़ी शहर बाहर से भले ही शांत नजर आ रहा हो,  लेकिन अंदर से कुछ और दिखता है| सिलीगुड़ी शहर में मनोरंजन और ऐशो-आराम के अनेक क्लब खुल गए हैं| यहाँ कुकुरमुत्ते की तरह मसाज सेंटर भी जगह-जगह खुल गए हैं. कुछ समय पहले तक मसाज सेंटर गिने-चुने होते थे लेकिन हाल के दिनों में उनकी तादाद काफी बढ़ी है. गलियों में, मकानों में चलाए जा रहे मसाज सेंटर बाहर से शांत और साधारण दिखते हैं, लेकिन अंदर का नजारा कुछ और होता है.इसकी रंगीनियां ग्राहकों को आकर्षित करती हैं. मसाज पार्लरों में लोग शरीर की थकान दूर करने के लिए आमतौर पर जाते हैं और मसाज पार्लरों को लाइसेंस भी इसी बिना पर दिया जाता है. लेकिन इसकी आड़ में मसाज पार्लरों में कुछ और भी खेल खेला जाता है. अभी ज्यादा दिन नहीं हुए सिलीगुड़ी के दो मसाज पार्लरों पर पुलिस ने रेड डाला और कई लड़कियों तथा ग्राहकों को रंगे हाथों पकड़ा. दरअसल पुलिस को अपने सूत्रों से पता चला था कि मसाज पार्लरों में जिस्मफरोशी का धंधा होता है. इसी को आधार बनाकर पुलिस ने रेड डाला था. इससे पहले भी पुलिस ने समय-समय पर मसाज पार्लरों पर कार्रवाई की है. मसाज पार्लर वर्तमान में जिस्मफरोशी के अड्डे बन गए हैं. मसाज पार्लरों में जाने वाले कुछ खास किस्म के ग्राहक होते हैं जो अपनी पहचान छुपाने के लिए कई स्वांग रचते हैं. मसाज पार्लरों में कुछ खूबसूरत लड़कियां पुरुष ग्राहकों का मसाज करती हैं अपने हाथों से. जब ग्राहक मसाज पार्लर में जाता है तो वहां की रंगीनियों को देखकर उसमे वह समाने लगता है. सुंदर, स्लिम,गोरी-चिट्टी लड़कियां ग्राहक का स्वागत करती हैं होठों पर मुस्कान सजाए. यह लड़कियां ग्राहक से ऐसे घुल-मिल जाती हैं मानो उनका पुराना रिश्ता हो. महकी-महकी बातों के बीच ग्राहक और लड़कियों के तन पर से कब कपड़े उतरने लगते हैं, कुछ पता ही नहीं चलता. जब ग्राहक सोफे पर लेटकर खूबसूरत लड़कियों के हाथों की उँगलियों का स्पर्श अपने शरीर पर महसूस करता है तो वह रोमांचित हो जाता है और फिर धीरे-धीरे स्वयं पर से नियंत्रण खोने लगता है. मसाज पार्लर में काम करने वाली लड़कियों को विशेष ट्रेनिंग दी जाती है. जैसे-जैसे लड़कियां अपने हाथों का कमाल दिखाती जाती हैं. ग्राहक एक नई दुनिया में पहुंच जाता है और एक स्थिति ऐसी आती है जहां सिर्फ देह ही बोलती है.ग्राहक सिर्फ और सिर्फ एक ही इच्छा रखता है… सिलीगुड़ी के अधिकांश मसाज पार्लरों में यही सब चल रहा है. हमारे सूत्रों से पता चला है कि माटी गारा और सिलीगुड़ी के दर्जनों मसाज पार्लरों में जिस्मफरोशी का धंधा होता है. ऐसे मसाज पार्लर पर पुलिस तब तक कोई करवाई नहीं करती जब तक की उनके खिलाफ कोई शिकायत पुलिस के पास नहीं आती. दबिश देने से पहले पुलिस मसाज पार्लरों में नकली ग्राहक भेजती है. माटीगारा में एक मॉल में  चल रहे मसाज पार्लर पर छापा मारकर पुलिस ने मसाज पार्लरों के अंदर की रंगीनियों का नंगा सच  सामने रखा था. 2016 में पुलिस ने खालपरा के दो मसाज पार्लरों पर छापा मारा था. 2016 में ही विधानमार्केट और सेवक रोड में चोरी छिपे चल रहे दो अन्य मसाज पार्लरों पर भी पुलिस ने रेड डाला था. जब जब पुलिस इन मसाज पार्लरों पर रेड डालती है तब-तब मसाज पार्लर का कलेवर बदल जाता है लेकिन जैसे ही बात पुरानी पड़ जाती है फिर से मसाज पार्लरों में रंगीनियां खेलने लगती हैं. मसाज पार्लर में काम करने वाली लड़कियों को कम वेतन में रखा जाता है लेकिन उन्हें प्रति ग्राहक मोटा कमीशन मिलता है. वह उनका बोनस भी होता है. हालांकि मसाज पार्लर की लड़कियां काफी तेज–तरार होती हैं, पुलिस से बचने का भी रास्ता तलाश लेती हैं. हमारा कानून इतना कमजोर है कि इन लड़कियों की जमानत भी आसानी से हो जाती है. जमानत पर छूटने के बाद ये लड़कियां पुराने रंग में रंग जाती हैं और फिर से नए नए ग्राहकों को अपना शिकार करने लगती हैं. अभी भी सिलीगुड़ी में दर्जनों ऐसे मसाज पार्लर चल रहे हैं, जिनके बारे में लोगों को पता नहीं है. ऐसे मसाज में कुछ खास किस्म के ग्राहक ही जाते हैं जो उनके परमानेंट ग्राहक समझे जाते हैं. अपने पसंदीदा या परमानेंट ग्राहकों को ही इंटरटेन करने की कोशिश करती हैं. जैसे ही उन्हें आहट होती है, ग्राहक अजनबी है तो जब तक उसकी विश्वसनीयता अपनी कसौटी पर कस ना लें तब तक के लिए ग्राहक को सिर्फ मसाज ही देती हैं.मसाज पार्लरों में बदन की मालिश कराना कोई बुरी बात नहीं है क्योंकि इसी के लिए मसाज को लाइसेंस भी मिला है. लेकिन इसकी आड़ में जब बात जिस्मफरोशी तक पहुंच जाए तो चिंता की बात हो जाती है. सिलीगुड़ी के माहौल को सुधारने के लिए सिलीगुड़ी के नागरिकों को ही पहल करने की जरूरत है. जो बदनाम हो चुके मसाज पार्लर हैं, मसाज पार्लरों का बहिष्कार किया जाना चाहिए अन्यथा सिलीगुड़ी की संस्कृति एक दिन नष्ट हो जाएगी.

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