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सीआईडी जाँच: पश्चिम बंगाल सरकार का सही कदम

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आखिरकार पश्चिम बंगाल सरकार ने इस्लामपुर गोलीकांड की जांच सीआईडी से कराने का फैसला ले लिया है. राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि भाजपा के बंगाल बंद की सफलता से घबराकर तथा बंगाल की जनता के मूड को भांपते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है. सरकार का यह फैसला कुछ हद तक उचित कहा जा सकता है, क्योंकि इस्लामपुर गोलीकांड की जांच जिला पुलिस कर रही थी और ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती थी. अब सरकार ने सीआईडी से जाँच कराने का फैसला किया है तो यह भी बता दूं कि सीआईडी राज्य की ख़ुफ़िया एजेंसी  होती है, यह सरकार के अधीन होती है. शायद इसी शंका से ग्रसित होकर मृतक छात्रों के परिवार वालों ने भी सीआईडी जांच का विरोध किया है. उनका मानना है कि इस मामले की जांच सीबीआई करे तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. भारतीय जनता पार्टी भी मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रही है. सरकार ने सीआईडी से जांच कराने का फैसला कर सही कदम उठाया है, लेकिन यह देखना जरूरी है कि किसी तरह जांच प्रभावित ना हो और सही तथ्य सामने आए. मृतक के परिवार वाले भी यही चाहते हैं. कोई भी करे जांच, लेकिन सच्चाई सामने आनी चाहिए. वर्तमान राजनीतिक स्थिति कुछ ऐसी है किसी को भी सरकार की जांच एजेंसी पर भरोसा नहीं, इसलिए इस तरह की मांग की जा रही है. अब प्रश्न यह उठता है की बात बात पर राज्य सरकार को सीबीआई की मदद लेनी चाहिए ? नहीं. जब राज्य में सीआईडी हो तो ऐसे में सीबीआई की जरूरत नहीं होती. बहुत संगीन मामलों में ही सीबीआई की जांच की जरूरत पड़ती है. इस्लामपुर गोली कांड की घटना गंभीर तो है लेकिन यह देशद्रोह जैसा गंभीर नहीं है. आमतौर पर किसी बड़े नेता, मंत्री, राजनेता,या फिर महत्तवपूर्ण संदिग्ध या साजिश, देशद्रोह आदि की स्थितियों में ही सीबीआई जांच की जरूरत होती है और होनी भी चाहिए. लेकिन अगर प्रत्येक घटना की जांच सीबीआई ही करे तो सीआईडी की भला क्या जरूरत, जो कि किसी भी तरह उचित नहीं है. सीआईडी की जांच पर हमें भरोसा रखना चाहिए और उम्मीद रखनी चाहिए कि सीआईडी निष्पक्ष होकर पूरे मामले की जांच करेगी. ममता सरकार के लिए भी यह बढ़िया अवसर है. प्रतिष्ठा वापस पाने का मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए यह महत्वपूर्ण कदम कहा जा सकता है. जांच निष्पक्ष और सही दिशा में हो तो सी एम् की प्रतिष्ठा बढ़ेगी. अब देखना यह है कि सीआईडी इस्लामपुर घटना की जांच किस प्रकार से करती है.