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नगर निगम को ठेंगा दिखाकर चल रहे सिलीगुड़ी में अवैध भवन निर्माण

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सिलीगुड़ी नगर निगम में अवैध भवन निर्माण लगातार जारी है, हालाँकि इसको रोकने के लिए सिलीगुड़ी नगर निगम बड़े-बड़े वादे कर रही है, लेकिन धरातल पर यह दिखता नहीं है| इसका ज्वलंत उदाहरण सेवक रोड स्थित वार्ड नंबर 10, स्काई बिल्डिंग के नजदीक स्थित एक नवनिर्मित प्रतिष्ठान है, जिसके आगे नगर निगम का नोटिस चिपकाया गया है| हमारे संवाददाता ने नवनिर्मित बिल्डिंग का निरीक्षण करने के बाद पाया कि यह प्रतिष्ठान किराये पर दिया गया है| नोटिस में साफ लिखा है कि बिल्डिंग के मालिक सुशील कुमार मित्रुका हैं| बिल्डिंग प्लान नंबर 117 दिनांक 8 जून 16 नियम का उल्लंघन बताया गया है| नोटिस के अनुसार बंगाल नगर निगम एक्ट 2006 के नियम 36 के तहत पश्चिम बंगाल नगर निगम बिल्डिंग नियम 2007 के तहत अवैध है| तकनीकी दल ने जांच में पाया है कि इसकी ग्राउंड और प्रथम तल्ले पर प्रतिष्ठान चल रहे हैं| आगे लिखा गया है कि प्रतिष्ठान को शीघ्र बंद किया जाए अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी| हमारे संवाददाता ने इस नोटिस की ओर मेयर का ध्यान आकृष्ट करते हुए इसके नियम के बारे में उनसे पूछा तो मेयर अशोक भट्टाचार्य ने बताया कि बिल्डिंग प्लान पारित होने के बाद निर्माण कार्य संपन्न होने के बाद तकनीकी अधिकारी जांच कर एक रिपोर्ट देता है| इसके आधार पर ही भवन मालिक को प्रमाण पत्र दिया जाता है| जब तक प्रमाण पत्र मिल नहीं जाता, तब तक भवन मालिक बिल्डिंग का उपयोग नहीं कर सकता| इस मामले में भवन मालिक ने खुलेआम नियम का उल्लंघन किया है| जब हमारे संवाददाता ने भवन मालिक सुशील मित्रुका से बात करने की कोशिश कि तो उन्होंने बताया कि मुझे नोटिस के बारे में कोई जानकारी नहीं है| मैं बीमार हूं| उन्होंने यह भी कहा कि अभी मेरे पास पूरे कागजात नहीं हैं| जब कागजात आ जाएंगे, तो नोटिस का जवाब दिया जाएगा| इस तरह के अवैध निर्माण केवल सेवक रोड में ही नहीं बल्कि सिलीगुड़ी के तमाम वार्डों में चोरी- छिपे या पुलिस की मिलीभगत से चल रहे हैं| हमारे संवाददाता ने सेवक रोड के पास ही पीसी मित्तल बस स्टैंड में भी इसी तरह का नजारा देखा है| पीसी मित्तल बस स्टैंड के ठीक सामने की गली में कई टी वेयर हाउस हैं, वहां कई गोदाम बने हैं| यह सभी अवैध तरीके से बनाए गए हैं| गोदाम मालिकों ने सभी गोदाम किराये पर दे दिए हैं| स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर निगम से इसकी शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है| एक निजी कंपनी ने एक गोदाम बनाकर चाय कंपनी को दिया है| यह अवैध निर्माण का जीता-जागता सबूत है| वार्ड के लोगों का कहना है कि अगर नगर निगम ऐसे अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्यवाही नहीं करता तो यहां के लोग आंदोलन पर मजबूर हो जाएंगे| वार्ड नंबर 46 में भी एक मामला सामने आया है| हालांकि कोर्ट ने बिल्डिंग को गिराने का आदेश दे दिया है लेकिन इसके बावजूद बिल्डिंग गिराने की कोई कार्रवाई नहीं की गई है| वार्ड नंबर 5 व 8 में भी कुछ क्षेत्रों में अवैध निर्माण चल रहा है| लेकिन नगर निगम का ध्यान इस ओर नहीं है| देखा जाए तो सिलीगुड़ी नगर निगम के अंतर्गत लगभग एक दर्जन वार्डों में अवैध निर्माण हुए हैं अथवा किए जा रहे हैं| लेकिन लगता है कि नगर निगम इस ओर से आंखें मूंदे हुए हैं| अशोक भट्टाचार्य ने आश्वासन जरुर दिया है कि निगम शीघ्र ही अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करेगी| अब देखना यह है कि नगर निगम अवैध निर्माणों के खिलाफ क्या कदम उठाती है?

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