April 7, 2026
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सावधान!अगर आपके परिवार का कोई सदस्य लापता हो गया हो, तो यह गलती भूल से भी ना करें!

इस दुनिया में अजीब अजीब लोग होते हैं. कई लोग किसी के दुख में दुखी होकर सहानुभूति व्यक्त करते हैं और अपनी तरफ से जितना भी संभव हो सके, मदद करने की कोशिश भी करते हैं. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो पीड़ित परिवार के दुख व मुसीबत का फायदा उठाकर अपनी जेब भरना चाहते हैं.

अपराधी और स्वार्थ लोलुप मानसिकता के लोग ऐसे ही होते हैं, जो हर वक्त अपनी जेब भरने के चक्कर में रहते हैं. यह घटना इंसानियत और भरोसे का खून करती है. समाज को शर्मसार करने वाली है. इसके साथ ही एक सबक भी देती है कि अगर आपके परिवार का कोई सदस्य लापता हो गया हो तो ध्यान रखें और जल्दबाजी में यह गलती भूल से भी ना करें आप क्या ना करें.

जब परिवार का कोई सदस्य लापता हो जाता है, तो सर्वप्रथम घरवाले उसे ढूंढने की कोशिश करते हैं. बाद में पुलिस के पास मामला जाता है और गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई जाती है. यहां तक तो ठीक है.लेकिन उसके बाद घर वालों की ओर से जो गलती की जाती है, वह उन पर कभी कभी काफी भारी पड़ जाती है. यह इतनी भारी कि आप सोच नहीं सकते कि पल भर में ही क्या से क्या हो जाता है!

जिस परिवार का कोई अजीज व्यक्ति घर से गायब हो जाता है तो उस परिवार पर क्या बीतती है, इस दर्द को तो एक भुक्त भोगी ही अच्छी तरह समझ सकता है. परिवार अपनों की तलाश में निगाहें जमाए रहता है. उसकी भूख प्यास मर जाती है. रिपोर्ट दर्ज करने के बाद कभी पुलिस के फोन की प्रतीक्षा तो कभी किसी शुभचिंतक के द्वारा फोन करने की प्रतीक्षा रहती है.

और जब कोई अनजान व्यक्ति मैसेंजर के जरिए संदेश देता है कि उसका खोया हुआ व्यक्ति उसके पास है, लेकिन उसे परिवार तक पहुंचाने के लिए यात्रा का खर्च नहीं है. ऐसे में लापता व्यक्ति को गाड़ी या कार से पहुंचाने के लिए पैसा चाहिए तो पीड़ित परिवार के दिमाग में उस समय और कोई बात होती ही नहीं. उसके लिए तो इतना ही काफी है कि उसका खोया हुआ सदस्य वापस मिल गया! वह खुश हो जाता है और हर्ष उत्तेजना में सामने वाले पर आंख मूंद कर भरोसा कर लेता है. बस यहीं वह धोखा खा जाता है.

दरअसल पीड़ित परिवार पुलिस को सूचित करने के बाद अपने स्तर पर उसका पता लगाने की कोशिश करता है. वह लापता की फोटो तथा उसके बारे में पूरी जानकारी सोशल मीडिया/ इंटरनेट मीडिया पर साझा करता है, ताकि कहीं से भी उम्मीद की एक किरण नजर आए. यही वह गलती है, जो पीड़ित परिवार पर पर भारी पड़ती है यह घटना इसकी सच्चाई उजागर करती है.

एनजेपी थाना के अंतर्गत बाड़ीभाषा के रहने वाले 43 वर्षीय ई रिक्शा चालक स्वप्न भौमिक पिछले दिनों लापता हो गए थे. घर वालों ने उनकी हर संभावित स्थानों पर तलाश की. जब नहीं मिले तो उसकी सूचना एनजेपी थाने को दी. एनजेपी थाना ने पीड़ित परिवार की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली. उधर पीड़ित परिवार ने लापता के बारे में जानकारी देने के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा लिया और लापता व्यक्ति की तस्वीर तथा उसके बारे में संक्षिप्त जानकारी इंटरनेट पर डाल दी.

सोशल मीडिया पर पोस्ट प्रकाशित होने के कुछ ही घंटे में एक अनजान व्यक्ति ने मैसेंजर के जरिए संदेश दिया और कहा कि लापता व्यक्ति उसके पास है. अनजान व्यक्ति ने बताया कि वह मालदा रेलवे स्टेशन जीआरपी थाना का पुलिस अधिकारी है. लापता व्यक्ति के परिवार का कोई भी सदस्य हो तो उनसे बात करें. अनजान व्यक्ति ने पीड़ित के परिवार के नंबर पर संपर्क करके कहा कि लापता व्यक्ति को मालदा से सिलीगुड़ी भेजने के लिए कम से कम ₹1000 का खर्च आएगा. लिहाजा आप पैसे भेज दें तो लापता व्यक्ति को यहां से भेज दिया जाएगा.

पीड़ित परिवार ने तुरंत ही व्यक्ति को ऑनलाइन पैसा भेज दिया. जैसे ही अनजान व्यक्ति ने पैसा प्राप्त किया, उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया. काफी समय तक पीड़ित परिवार की ओर से कॉल करने की कोशिश की जाती रही. लेकिन उसका मोबाइल हमेशा स्विच ऑफ रहा. अंतत : उन्हें समझ में आ गया कि उनके साथ ठगी हो गई है. इस घटना की शिकायत एनजेपी थाने में दर्ज करा दी गई है.

यह तो एक छोटी सी रकम की बात है. लेकिन यह बड़ी रकम भी बन सकती है. निश्चित रूप से इस घटना में साइबर ठगों का हाथ है. अतः आप सतर्क रहें. एनजेपी थाना की पुलिस भी यही मानती है. अगर आपके परिवार में इस तरह की कोई घटना घटती है तो धैर्य बनाए रखें और हडबडा कर कोई गलती ना करें.

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