सिलीगुड़ी में ऐसे कितने मां-बाप हैं, जो अपने ही घर में कैदी से भी बदतर जीवन गुजारते हैं?
एक मां-बाप घर निर्माण से लेकर बच्चों को पढ़ाने-लिखाने तथा उनका भविष्य संवारने तक बड़ी जिम्मेवारी निभाते हैं. वे अपने बच्चों पर दुख का एक कतरा तक बर्दाश्त नहीं करते हैं. खुद भूखे रह कर संतान का पेट भरते हैं. कहीं ना कहीं उन्हें उम्मीद रहती है कि एक दिन उनकी संतान बुढ़ापे की लाठी […]
