दार्जिलिंग संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत कालिमपोंग विधानसभा सीट एक ऐसी सीट है, जहां क्षेत्रीय पार्टियों का हमेशा ही दबदबा रहा है. हालांकि धीरे-धीरे भारतीय जनता पार्टी यहां अपना प्रभाव जमाती जा रही है. अगर पिछले चुनाव की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी का उम्मीदवार बहुत ही कम मतों के अंतर से चुनाव हारा था.
इस बार क्या भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रख पाएगा? क्या भारतीय जनता पार्टी 2026 के चुनाव में बाजी पलट देगी या फिर यहां से अजय एडवर्ड अथवा अन्य क्षेत्रीय दल अपना रुतबा जमा सकेंगे? इस तरह के कई सवाल हैं जिनका उत्तर भविष्य के गर्भ में छिपा है. जल्द ही भारतीय चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव की घोषणा करने वाला है.
इस बीच राजनीतिक दलों के द्वारा पहाड़ में उम्मीदवार चयन सिलसिला शुरू हो गया है. अनित थापा की पार्टी इस बार पहाड़ में करो या मरो की तरह चुनाव लड़ने की बात कर रही है तो अजय एडवर्ड भी कुछ कम नहीं है. अजय एडवर्ड कहते हैं कि उन्होंने यहां काम किया है. इसलिए जनता उन्हें निराश नहीं करेगी. दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी यहां चुपके चुपके तेजी से अपना प्रभुत्व स्थापित करती जा रही है.
2021 के विधानसभा चुनाव में भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा के उम्मीदवार रूदेन सदा लेपचा ने भाजपा के सुवा प्रधान को लगभग 4000 वोटो के करीबी अंतर से हराया था. 2021 में यहां मतदान प्रतिशत 75 से भी ऊपर था. रूदेन सदा लेपचा को 58206 वोट मिले थे . जानकार मानते हैं कि इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है. एक तरफ भारतीय जनता पार्टी तो दूसरी तरफ पहाड़ के कुछ क्षेत्रीय दल होंगे. यहां से कांग्रेस भी अपना उम्मीदवार उतार सकती है. इसलिए त्रिकोणीय मुकाबला होने के आसार दिखते हैं.
कालिमपोंग विधानसभा सीट कभी एक दल के पास नहीं रही. 2021 में रूदेन सदा लेपचा चुनाव जीते तो 2016 के विधानसभा चुनाव में गोरखा जन मुक्ति मोर्चा की सरिता राई विजई हुई थी. इसी तरह से 2011 में डॉक्टर हर्क बहादुर छेत्री विजयी हुए थे. वह भी गोरखा जन मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार थे. लेकिन उससे पहले 2006 के चुनाव में गोरखा नेशनल लिबरेशन front के गोलेन लेपचा चुनाव जीते थे.
इस पृष्ठभूमि के आधार पर यह माना जा रहा है कि रूदेन सदा लेपचा शायद अपनी जीत का सिलसिला बरकरार नहीं रख सके. भारतीय जनता पार्टी यहां से अपनी जीत का दावा ठोक रही है. सभी पार्टियों के अपने अलग-अलग दावे हैं. असली फैसला तो जनता करने वाली है. कालिमपोंग विधानसभा क्षेत्र में कालिमपोंग नगर पालिका, कालिमपोंग एक और दो ब्लॉक, गोरु बथान ब्लॉक आदि क्षेत्र आते हैं.
यहां की आबादी में तमांग, गुरुंग, राई, लेपचा और भूटिया समुदाय के लोग प्रमुख हैं. अगर जातिगत समीकरण देखें तो 2011 की जनगणना के अनुसार यहां लगभग 30% अनुसूचित जनजाति के लोग निवास करते हैं. जबकि 6.53% लोग अनुसूचित जाति से आते हैं. इस तरह से किसी भी उम्मीदवार के जीत और हार में इन्हीं अनुसूचित जाति और जनजातियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. एक अध्ययन के अनुसार अनुसूचित जाति और जनजाति का वोट इस बार ब॔ट सकता है. जैसे-जैसे चुनाव करीब आता जाएगा, यहां के मतदाताओं का रुझान भी स्पष्ट होता जाएगा.
