पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव को लेकर माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंग चुका है। Election Commission of India के निर्देशों के बाद राज्य के सभी 294(चौरानबे) विधानसभा क्षेत्रों में आचार संहिता को सख्ती से लागू कर दिया गया है। Chief Electoral Officer West Bengal द्वारा जारी ताज़ा प्रेस नोट में चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त बनाने के लिए उठाए गए बड़े कदमों का खुलासा किया गया है।
सबसे अहम निर्देशों में मतदान की गोपनीयता को लेकर सख्ती शामिल है। साफ कहा गया है कि पोलिंग एजेंट्स को वोटिंग कंपार्टमेंट में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, ताकि मतदान पूरी तरह गोपनीय और स्वतंत्र रहे। इसके साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों की Mapping को बेहद गंभीरता से लेने और सभी लंबित गैर-जमानती वारंट को जल्द से जल्द निष्पादित करने के निर्देश दिए गए हैं।
चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखने का आदेश दिया है। 24 घंटे मॉनिटरिंग के जरिए फेक न्यूज और अफवाहों को तुरंत रोकने की रणनीति बनाई गई है, ताकि चुनावी माहौल खराब न हो।
राज्यभर में 24 मार्च यानि आज से एक बड़ा जनजागरूकता अभियान शुरू किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मतदाताओं को बिना डर के मतदान के लिए प्रेरित करना है। कोलकाता के विमेंस क्रिश्चियन कॉलेज से शुरू होने वाला यह अभियान “लोकतंत्र का त्योहार” थीम पर आधारित है। अगले तीन दिनों तक ट्राम, होर्डिंग्स, पोस्टर्स और सीधे जनसंवाद के जरिए लोगों तक संदेश पहुंचाया जाएगा।
चुनाव के दौरान अवैध धन, शराब और अन्य प्रलोभनों को रोकने के लिए एयरपोर्ट्स पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी गई है। बागडोगरा, कोलकाता, अंडाल और हासीमारा एयरबेस पर CISF, पुलिस और अन्य एजेंसियां मिलकर सघन जांच कर रही हैं। वहीं कोलकाता एयरपोर्ट के पास विशेष नाका चेकिंग पॉइंट भी बनाया गया है।
सिर्फ एयरपोर्ट ही नहीं, बल्कि ओडिशा, झारखंड, बिहार, सिक्किम और असम से जुड़े सभी इंटरस्टेट बॉर्डर्स पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। 24×7 चेकिंग, संयुक्त पुलिस ऑपरेशन और मोबाइल पेट्रोलिंग के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। मतदान से 72 घंटे पहले यह निगरानी और तेज कर दी जाएगी।
15 मार्च से अब तक की कार्रवाई में 67(सड़सठ) अवैध हथियार, 96(छियानबे) कारतूस और 337(सैंतीस) बम बरामद किए गए हैं। प्रशासन का फोकस साफ है—किसी भी कीमत पर चुनाव में हिंसा या गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी।
चुनाव आयोग ने पुलिस ऑब्जर्वर्स को हर विधानसभा क्षेत्र के थानों का दौरा करने का निर्देश दिया है। विशेष ऑब्जर्वर ने स्पष्ट कर दिया है कि हिंसा, डराना-धमकाना, पैसे का लालच, बूथ कैप्चरिंग और फर्जी वोटिंग पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।
मतदान केंद्रों की तैयारियों, EVM, सुरक्षा व्यवस्था, महिला और दिव्यांग मतदाताओं के लिए सुविधाओं और लॉजिस्टिक्स का भी बारीकी से आकलन किया गया है। हर बूथ पर Central Armed Police Forces की मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मतदाताओं में विश्वास बना रहे।
पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी परीक्षा बन चुका है। चुनाव आयोग की सख्ती और व्यापक सुरक्षा इंतजामों के बीच साफ संदेश है की —
“डर नहीं, वोट करें खुलकर… यही है लोकतंत्र की असली ताकत।”
