March 18, 2026
Sevoke Road, Siliguri
प्रमुख हेडलाइंस और अपडेट्स

डिप्टी मेयर रंजन सरकार को ममता बनर्जी बड़ा तोहफा दे सकती है!

तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से सिलीगुड़ी विधानसभा क्षेत्र के लिए सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर गौतम देव को उम्मीदवार बनाया गया है. जबकि गौतम देव के पुराने विधानसभा क्षेत्र डाबग्राम फुलबारी विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी पार्षद रंजनशील शर्मा को टिकट दिया गया है.

सिलीगुड़ी नगर निगम में रंजनशील शर्मा का ओहदा डिप्टी मेयर रंजन सरकार से छोटा है. लोग चकित हैं कि एक तरफ ममता बनर्जी ने सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर गौतम देव को सिलीगुड़ी विधानसभा क्षेत्र के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है, लेकिन डिप्टी मेयर रंजन सरकार को उनके हाल पर छोड़ दिया.जबकि उनके मातहत पार्षद रंजनशील शर्मा को गौतम देव की परंपरागत विधानसभा सीट डाबग्राम फुलबारी विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया गया है.

आखिर ऐसा क्यों? क्या रंजन सरकार से पार्टी को कोई नाराजगी है? या फिर डिप्टी मेयर रंजन सरकार ममता बनर्जी की कसौटियों पर खरे नहीं उतरे हैं? इसलिए उन्हें पार्टी ने टिकट नहीं दिया. तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. केवल लोग ही नहीं, बल्कि पार्टी के कार्यकर्ता भी चकराए हुए हैं. सिलीगुड़ी नगर निगम के डिप्टी मेयर के रूप में रंजन सरकार ने गौतम देव के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया है.

पार्टी की नीतियों और सिद्धांतों पर चलते हुए रंजन सरकार ने कई बार संकटमोचक का भी काम किया. खासकर उस समय जब सिलीगुड़ी नगर निगम के 24 नंबर वार्ड के पार्टी के एक पार्षद ने बगावत कर दी थी. तब रंजन सरकार ने ही मेयर का बचाव करते हुए बगावती पार्षद को किनारे कर दिया था. इसके अलावा रंजन सरकार ने डिप्टी मेयर के रूप में अपनी जिम्मेदारी और दायित्व का पूरा निर्वाह किया है.

टीएमसी के द्वारा टिकट वितरण करने के बाद रंजन सरकार का हालांकि कोई बयान सामने नहीं आया है. पर भीतरखाने से जो जानकारी मिल रही है, उसके अनुसार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव के बाद उन्हें कोई बड़ा तोहफा दे सकती है. वह बड़ा तोहफा क्या हो सकता है? यह समझने की जरूरत है. अगर राज्य में दोबारा ममता बनर्जी की सरकार आती है और गौतम देव सिलीगुड़ी विधानसभा का चुनाव जीत जाते हैं तो उन्हें राज्य सरकार में मंत्री बनाया जा सकता है.

ऐसे में रंजन सरकार को सिलीगुड़ी नगर निगम का मेयर बनाया जा सकता है. लेकिन अगर गौतम देव चुनाव हार जाते हैं तो इस स्थिति में वह पुनः सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर बने रहेंगे. इस स्थिति में रंजन सरकार अपने पुराने पोजीशन में ही बने रहेंगे. कुछ लोगों का यह भी मानना है कि डाबग्राम फुलबारी सीट से रंजनशील शर्मा को टीएमसी ने एक समझौते के तहत टिकट दिया है.

टिकट वितरण से पहले से ही टीएमसी में डाबग्राम फुलबारी सीट के लिए कई चेहरे सुर्खियों में थे . उनमें से रंजनशील शर्मा का नाम भी शामिल था. कयास लगाया जा रहा है कि डिप्टी मेयर रंजन सरकार के साथ हुई एक गुप्त बैठक के बाद ही पार्टी ने उन्हें विधानसभा के लिए उम्मीदवार के रूप में नामांकित नहीं किया. कदाचित उन्हें भरोसा दिया गया है कि अगर गौतम देव चुनाव जीत जाते हैं तो सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर के रूप में उन्हें ही जगह मिलने वाली है.

हालांकि यह एक कयास है. वास्तविकता क्या है, यह तो पार्टी का सिर्फ नेतृत्व ही जानता है या फिर रंजन सरकार. लेकिन इतना तो तय है कि गौतम देव के साथ ही रंजन सरकार का राजनीतिक कैरियर जुड़ा है. अगर गौतम देव विधायक बनते हैं और राज्य में टीएमसी की सरकार बनने पर मंत्री तो रंजन सरकार को सिलीगुड़ी नगर निगम का मेयर बनाया जाता है तो कोई आश्चर्य नहीं होगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *