February 18, 2026
Sevoke Road, Siliguri
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तृणमूल नेता ने हाथ में AK-47 लेकर उग्रवादी संगठन में शामिल होने का किया ऐलान !

धूपगुड़ी में तृणमूल की अंदरूनी कलह उजागर, वायरल वीडियो से सियासी तूफान

All India Trinamool Congress (तृणमूल कांग्रेस) के धूपगुड़ी संगठन में चल रही अंदरूनी खींचतान अब सार्वजनिक बहस का विषय बन गई है। एक कथित वायरल वीडियो ने पार्टी की स्थानीय इकाई को असहज स्थिति में डाल दिया है। वीडियो में धूपगुड़ी ग्रामीण ब्लॉक INTTUC के अध्यक्ष और झार अल्टा-2 ग्राम पंचायत प्रधान के पति बीरेन रॉय आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियां करते दिखाई दे रहे हैं।

बताया जा रहा है कि यह वीडियो Dhupguri क्षेत्र का है। इसमें बीरेन रॉय जलपाईगुड़ी जिला तृणमूल महासचिव राजेश कुमार सिंह के कार्यालय में कुछ स्थानीय नेताओं के साथ बैठे नजर आ रहे हैं। बातचीत के दौरान वह धूपगुड़ी के विधायक प्रोफेसर निर्मल चंद्र रॉय के खिलाफ खुलकर नाराज़गी जताते हैं।

वीडियो में कथित तौर पर उन्हें यह कहते सुना जा सकता है कि जरूरत पड़ने पर वह तृणमूल छोड़कर अलगाववादी संगठन Kamtapur Liberation Organisation में शामिल हो जाएंगे। साथ ही ‘एक-एक कर गोली मारने’ जैसी धमकी भरी टिप्पणी भी सामने आई है। इस बयान ने क्षेत्र की राजनीति में हलचल मचा दी है।

स्थानीय तृणमूल नेतृत्व और विधायक के बीच मतभेद की खबरें पहले भी सामने आती रही हैं। हालांकि इस बार वीडियो के सार्वजनिक होने से विवाद और गहरा हो गया है। पार्टी के भीतर गुटबाज़ी की चर्चा तेज हो गई है, जबकि विपक्ष ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है।

Bharatiya Janata Party (भाजपा) ने इस मामले पर तृणमूल पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ताधारी दल के भीतर अनुशासनहीनता और आंतरिक संघर्ष अब उजागर हो चुका है। भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया कि क्या पार्टी नेतृत्व इस तरह के बयानों पर सख्त कार्रवाई करेगा।

विवाद बढ़ने के बाद बीरेन रॉय ने दावा किया कि यह एक निजी बातचीत थी, जिसे साजिशन सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के ही किसी व्यक्ति ने उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से वीडियो सार्वजनिक किया। उनका कहना है कि उनके बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया है।

इस घटनाक्रम के बाद धूपगुड़ी और जलपाईगुड़ी के राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अब नजरें तृणमूल नेतृत्व पर टिकी हैं कि वह इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई होती है।

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