महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर माटीगाड़ा स्थित चांदमुनी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को उस समय परेशानी का सामना करना पड़ा, जब मंदिर परिसर के बाहर अवैध रूप से पार्किंग शुल्क वसूला जाने लगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क निर्माण कार्य के चलते बंद पड़े हिस्से में कई श्रद्धालु अपनी गाड़ियां सुरक्षित स्थान पर खड़ी कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे और खुद को पार्किंग संचालक बताकर वाहनों से 20 रुपये की वसूली करने लगे।
जब श्रद्धालुओं ने उनसे वैध रसीद या किसी प्रकार की प्रशासनिक अनुमति दिखाने को कहा, तो वे उग्र हो गए। कुछ ही देर में उनके अन्य साथी भी मौके पर पहुंच गए, जो कथित तौर पर नशे की हालत में थे। इसके बाद श्रद्धालुओं के साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
स्थिति बिगड़ती देख पीड़ित पक्ष ने पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। इसके बाद वे मंदिर परिसर के अंदर मौजूद पुलिसकर्मियों के पास पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी दी। हालांकि, वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने यह कहकर जिम्मेदारी से इनकार कर दिया कि वे केवल मंदिर परिसर की सुरक्षा में तैनात हैं और बाहर की व्यवस्था देखने के लिए बाहर तैनात पुलिस से संपर्क किया जाए।
जब श्रद्धालुओं ने बताया कि बाहर कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं है, तो उन्हें थाने जाकर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई।
श्रद्धालुओं का सवाल है कि यदि वे दोबारा पार्किंग स्थल पर जाते और उन लोगों द्वारा हमला कर दिया जाता, तो क्या शिकायत मारपीट के बाद ही दर्ज कराई जाती?
काफी बहस के बाद अंततः एक पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं के साथ पार्किंग स्थल तक पहुंचा, जहां उसने खुद देखा कि खुलेआम अवैध वसूली की जा रही थी।
अब सवाल यह उठता है कि—
जब धार्मिक स्थलों पर लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, तो उनकी सुरक्षा और व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है?
और ऐसे मामलों में अवैध वसूली पर रोक लगाने के लिए प्रशासन कब सख्त कदम उठाएगा?
श्रद्धालुओं ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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दादागिरी : महाशिवरात्रि पर चांदमुनी मंदिर के बाहर अवैध वसूली, श्रद्धालुओं से जबरन वसूले गए पैसे !
- by Ryanshi
- February 15, 2026
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- 3 weeks ago
