क्या आने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में आप मतदान कर सकेंगे? अगर यह पता करना है तो आप अपने जिला और उपमंडल कार्यालय अथवा निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर जाकर पता लगा सकते हैं. क्योंकि राज्य मतदाता सूची का प्रकाशन हो गया है.
दार्जिलिंग, कर्सियांग, माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी, सिलीगुड़ी और फांसी देवा विधानसभा क्षेत्रों में आज प्रकाशित मतदाता सूची में 1,44,648 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से बाहर कर दिए गए हैं. जब 27 अक्टूबर 2025 को चुनाव आयोग के द्वारा मतदाता सूची का प्रकाशन हुआ था, तब इन पांच विधानसभा क्षेत्रों जैसे दार्जिलिंग, कर्सियांग, माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी, सिलीगुड़ी और फांसी देवा विधानसभा क्षेत्रों में कुल मतदाताओं की संख्या 12 लाख 92हजार 857 थी.
इनमें पुरुषों की संख्या 6,41,532 जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 6 लाख 51 हजार 291 और थर्ड जेंडर 34 थे. आज प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में पुरुषों की संख्या घटकर 5,72,437 जबकि महिला मतदाताओं की संख्या घटकर 5 लाख 75 हजार 743 और थर्ड जेंडर 29 रह गए हैं. इस तरह से कुल मतदाताओं की संख्या 11,48, 209 रह गई है. इस तरह से 1,44,648 मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किए गए हैं.
SIR के बाद पश्चिम बंगाल में आज चुनाव आयोग के द्वारा वोटर लिस्ट का प्रकाशन कर दिया गया. हालांकि यह ड्राफ्ट वोटर लिस्ट ही होगा. क्योंकि आने वाले दिनों में नए और विचाराधीन वोटर्स को लेकर सप्लीमेंट्री लिस्ट भी जारी होती रहेगी. इसलिए अगर इस सूची में आपका नाम शामिल नहीं है तो इसे अंतिम सूची ना माने. इस ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को चुनाव आयोग ने तीन वर्गों में विभाजित किया है.
अब तक कुल 7.08 करोड़ मतदाता ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल किए गए हैं. वोटर लिस्ट को फेजवाईज जारी किया गया है. राज्य के कई जिलों में मतदाता सूची की हार्ड कॉपी उपलब्ध कराई गई है. इनमें बांकुड़ा भी शामिल है. पश्चिम बंगाल में बांकुड़ा एक ऐसा जिला है, जहां एक करोड़ 35 लाख वोटर के नाम हटाए जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है. निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर ड्राफ्ट सूची को अपलोड कर दिया गया है. मतदाता ऑनलाइन पता कर सकेंगे कि उनका नाम ड्राफ्ट सूची में है या नहीं.
7. 08 करोड़ मतदाताओं को स्वीकृत, हटाए गए अथवा विचाराधीन के रूप में वर्गीकृत किया गया है. विचाराधीन की श्रेणी में वैसे मतदाताओं को रखा गया है जिनके नाम की वर्तमान में जांच चल रही है. उसके बाद ही सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी होगा. इसके बाद ही मतदाता सूची की सही तस्वीर सामने आएगी.
आपको बताते चलें कि पश्चिम बंगाल में SIR की प्रक्रिया 4 नवंबर 2025 को शुरू हुई थी. इसे पूरा करने में 116 दिन लग गये. मसौदा मतदाता सूची यानी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 16 दिसंबर 2025 को प्रकाशित हुई थी. इसके अनुसार राज्य में मतदाताओं की संख्या 7 करोड़ 66 लाख से घटकर 7 करोड़ 8 लाख रह गई है. 58 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम मृत्यु, प्रवास, नाम दोहराव या पता नहीं मिलने के कारण हटा दिए गए.
चुनाव आयोग ने दूसरे चरण में 1.67 करोड़ मतदाताओं पर विचार किया. इनमें से 1.36 करोड़ मतदाताओं के संबंध में तार्किक विसंगतियां पाई गई. 31 लाख मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई थी. जबकि 60 लाख मतदाताओं के नाम जनगणना प्रपत्रों में तार्किक विसंगतियों के आधार पर कानूनी कार्रवाई के अधीन है.
