सिलीगुड़ी के निकट नौकाघाट, मेडिकल के बीच कावाखाली SJDA मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रविवार को आयोजित होने वाली सभा के लिए विशाल मंच तैयार किया जा रहा है. यहां पुलिस की गश्ती से लेकर सभा स्थल में आने वाले लोगों के लिए मार्ग निर्धारण, पार्किंग व्यवस्था और सभी तरह की तैयारियां की जा रही हैं. प्रधानमंत्री की यह सभा ऐतिहासिक बन सके, इसके लिए पार्टी जोर-शोर से प्रचार प्रसार में लगी है.
राजू बिष्ट ने दावा किया है कि सभा में पहाड़, सिलीगुड़ी, जलपाईगुड़ी आदि विभिन्न क्षेत्रों से कम से कम तीन लाख लोग जुटेंगे. इसे ध्यान में रखकर यहां व्यवस्थाएं की जा रही हैं. मालूम हो कि राजू बिष्ट और पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा प्रभारी मंगल पांडे तथा अन्य नेता प्रधानमंत्री की रैली के लिए सभा स्थल की तैयारी का प्रबंध देख रहे हैं.
सिलीगुड़ी शहर में यह भी चर्चा शुरू हो गई है कि क्या कावाखाली का मैदान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्यादा पसंद है? आखिर भारतीय जनता पार्टी कावाखाली मैदान में ही नरेंद्र मोदी की सभा का आयोजन क्यों करती है? क्या मोदी का अथवा पार्टी का इस जगह से खास कनेक्शन है? क्या कावाखाली का मैदान नरेंद्र मोदी और बंगाल भाजपा के लिए काफी शुभ है? हालांकि कुछ लोग यह भी कहते हैं कि यह प्रधानमंत्री की जनसभा है, जिसके लिए बड़े मैदान की आवश्यकता होती है. सिलीगुड़ी में कावाखाली के अलावा इतना बड़ा मैदान आसपास में कहीं नहीं है.
कुछ लोग यह भी बताते हैं कि प्रधानमंत्री की जनसभा खपरैल, गोसाईपुर आदि क्षेत्रों में भी रखी जा सकती थी. लेकिन पार्टी ने हर बार की तरह कावाखाली के मैदान को ही क्यों पसंद किया है? क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह जगह खास रूप से पसंद है? पार्टी के कुछ कार्यकर्ता इस बात पर मुस्कुरा कर निकल जाते हैं. हालांकि दावा यह भी किया जा रहा है कि कावाखाली का मैदान भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए हमेशा लकी साबित हुआ है.
देखा जाए तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब भी सिलीगुड़ी आते हैं तो उनकी जनसभा का कार्यक्रम अथवा सभा स्थल कावाखाली में ही रखा जाता है. हाल के वर्षों में यहां नरेंद्र मोदी की तीन जनसभाएं हो चुकी हैं. उनकी सभी सभाएं सुपरहिट साबित हुई हैं. 2021 के विधानसभा चुनाव से लेकर लोकसभा चुनाव और अब विधानसभा चुनाव के सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह तीसरी जनसभा कावाखाली मैदान में रविवार को होने जा रही है.
जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं थे, तब बंगाल में भारतीय जनता पार्टी को 294 विधानसभा सीटों में से केवल तीन पर ही सफलता मिली थी. इसके बाद से भाजपा का ग्राफ लगातार बढ़ता रहा है और इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बड़ा हाथ है.
नरेंद्र मोदी ने 2021 में विधानसभा चुनाव के दौरान अपनी पार्टी का प्रचार प्रसार करते हुए यहां कावाखाली के मैदान में जनसभा की थी. पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने तीन सीट से बढकर 77 सीटों पर जीत हासिल की थी. आपको याद होगा कि अपने दूसरे टर्म के लिए लोकसभा चुनाव का प्रचार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कावा खाली के मैदान से ही हुंकार भरी थी. उस समय भाजपा ने यहां लोकसभा की 42 सीटों में से 18 सीटों पर जीत हासिल की थी.
उसी कावाखाली के मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दार्जिलिंग पहाड़ के लोगों का भरोसा जीता था और पहाड़ में भी अपनी पार्टी के सांसद राजू बिष्ट को जिताया था. अब 2026 का बंगाल विधानसभा चुनाव है और भाजपा के लिए यह चुनाव किसी करो या मरो की तरह ही है. भाजपा को भरोसा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कावाखाली के मैदान से गर्जना करेंगे तो राज्य में सत्ता परिवर्तन के लक्ष्य की दिशा में यह एक बडा कदम होगा.
भाजपा के शीर्ष नेता पूरे राज्य का दौरा करते हुए जगह-जगह रैलिया कर रहे हैं. 12 अप्रैल रविवार को एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कावाखाली के मैदान में लाखों की भीड़ को संबोधित करेंगे, उसी दिन राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में भाजपा के शीर्ष और विभिन्न राज्यों के हैवीवेट नेताओं की जनसभा होगी. इन नेताओं में नितिन नवीन, राजनाथ सिंह, अमित शाह , उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी समेत कई बड़े-बड़े नेता शामिल हैं. यही कारण है कि कहा जा रहा है कि रविवार भाजपा के लिए सुपर संडे होगा.
