केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा आहूत आज देशव्यापी हड़ताल का सिलीगुड़ी में आंशिक असर देखा गया. सिलीगुड़ी में कई दुकानें आंशिक रूप से बंद रही तो कई दुकानों में काम रोज की तरह जारी रहा. काफी समय से हड़ताल के समर्थन के लिए सिलीगुड़ी समेत उत्तर बंगाल में विभिन्न ट्रेड यूनियनों के द्वारा व्यापक प्रचार प्रसार किया गया था और यह आशंका जताई जा रही थी कि उनकी हड़ताल कम से कम सिलीगुड़ी और पहाड़ में सफल होगी. परंतु यहां हड़ताल का कम ही असर देखा गया.
केंद्रीय ट्रेड यूनियन के द्वारा केंद्र सरकार के लेबर कोड का विरोध किया जा रहा है. यूनियन के लोग सरकार से नए श्रम कानून को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. उधर बैंक कर्मचारी यूनियन भी हफ्ते में 5 दिन काम लागू करने की मांग कर रही है. इस हड़ताल में विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी बैंक कर्मियों ने भी भाग लिया था. जिससे बैंकिंग सेवाएं ठप रही.
बैंक कर्मचारियों की यूनियनों के द्वारा पहले ही भारत बंद में भाग लेने के संबंध में सूचना जारी कर दी गई थी. इसलिए बैंक कर्मचारियों ने भारत बंद का समर्थन किया. सरकारी बैंकों से लेकर निजी बैंक तक बंद रहे या फिर उनमें कोई कामकाज नहीं हो सका. हालांकि सिलीगुड़ी के एक सरकारी बैंक में कामकाज होने की भी जानकारी मिली है. कर्मचारी यूनियन संगठनों ने इसका भारी विरोध भी किया है. बैंक के कर्मचारियों को पुलिस की कड़ी सुरक्षा में कार्य करते देखा गया.
आज सुबह से ही शहर की दुकानों और प्रतिष्ठानों को बंद कराने के लिए विभिन्न ट्रेड यूनियनों के कार्यकर्ता शहर के अलग-अलग स्थानों पर पिकेटिंग करते नजर आए. उन्होंने लोगों से दुकान बंद रखने के लिए निवेदन किया. सिलीगुड़ी पुलिस प्रशासन हड़ताल को विफल करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद था. बंद के दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना का समाचार नहीं है.
सिलीगुड़ी समेत पूरे राज्य में उच्च माध्यमिक परीक्षा चल रही है. इसलिए ट्रेड यूनियन के नेताओं की ओर से पहले ही घोषणा कर दी गई थी कि भारत बंद से परिवहन को अलग रखा जाएगा. इसलिए बंद के दौरान सिलीगुड़ी में ऑटो, टोटो, बस और सभी सरकारी गैर सरकारी वाहन चले. उच्च माध्यमिक परीक्षा के लिए परीक्षार्थी पहुंचे. पुलिस ने परीक्षा केन्द्रों के बाहर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे.
सामान्य लोगों को भी बंद के दौरान कोई कठिनाई नहीं हुई. उधर आज ही के एल लो लिंकमेन का उत्तर कन्या अभियान था. लेकिन पुलिस ने उन्हें उत्तर कन्या जाने से पहले ही रोक दिया और उनके मार्च को तितर बितर कर दिया. दरअसल KLO लिंकमैन अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. उनकी मांगों में रोजगार, स्थाई पुनर्वास तथा स्वायत्त काउंसिल का गठन शामिल है.
इस मार्च में जलपाईगुड़ी तथा कूचबिहार के के एल ओ लिंक मैन शामिल थे. जैसे ही उनका मार्च चुनाभट्टी इलाके में पहुंचा, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया. चुनाभट्टी इलाके में पुलिस ने बैरिकेडिंग के साथ ही भारी फोर्स और प्रदर्शनकारियों पर नियंत्रण की सारी तैयारी कर रखी थी. पुलिस के भारी अवरोध के बाद KLO लिंक मैन सड़क पर ही बैठ गए और नारेबाजी करने लगे. बाद में पुलिस ने स्थिति को सामान्य बनाया.
