अरिंदम बनर्जी की समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करे. उसने गुस्से में तो पत्नी की हत्या कर दी थी. लेकिन अब उसे अपने किए पर अफसोस हो रहा था. पर वह एक मुर्दे में जान तो नहीं फूंक सकता था. स्थिति ऐसी भी नहीं थी कि वह पत्नी की लाश को ठिकाने लगा सके. घर में वह अकेला और उसका एक बच्चा भी था. बच्चा नहीं जानता था कि उसकी मां मर चुकी है.
कई बार उसने सोचा कि पत्नी की लाश को कहीं ठिकाने लगा दे. पर उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी. आसपास में आबादी थी. अगर वह पकड़ा जाता है तो बच्चा अनाथ हो जाएगा. इस तरह के ख्याल अरिंदम को पिछले कई दिनों से आ रहे थे और वह कोई फैसला नहीं कर पा रहा था. उसने अपनी पत्नी की हत्या करके लाश को फ्लैट में ही छुपा दिया था. अब लाश से सड़ांध आने लगी थी. फ्लैट में पत्नी की लाश के साथ रहना दुश्वार लग रहा था.
फिर उसने फैसला कर लिया कि वह पुलिस को सारी बात बता देगा. लेकिन उससे पहले वह अपने बच्चे को मालदा स्थित पैतृक घर ले जाकर अपनी मां के सुपुर्द कर देना चाहता था. सारी तैयारी करके अरिंदम बनर्जी अपने बेटे को लेकर मालदा जाने के लिए घर से निकला. जाते-जाते उसने माटीगाड़ा थाना की पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी देवलीना बनर्जी की हत्या कर दी गई है तथा उसकी लाश फ्लैट में रखी है. पुलिस आकर उसकी लाश को बरामद करे.
पहले तो माटीगाड़ा थाने की पुलिस के अधिकारी को लगा कि कोई मजाक कर रहा है. परंतु उन्हें औपचारिक कार्रवाई तो करनी ही थी. पुलिस अधिकारी ने इस घटना की जानकारी सिलीगुड़ी मेट्रोपॉलिटन के डीसीपी को दी. इसके बाद माटीगाड़ा थाने की पुलिस और डीसीपी अरिंदम बनर्जी द्वारा दिए गए पते पर पहुंचे. घटनास्थल शिव मंदिर हॉलेड़ माथा मोड इलाके में स्थित अपार्टमेंट की चौथी मंजिल था. पुलिस बल फ्लैट में पहुंचा तो वहां से बिस्तर में कंबल में लिपटा एक महिला का शव बरामद हुआ. यह देखकर पुलिस वाले भी सहम कर रह गए.
पुलिस ने तुरंत ही आरोपी अरिंदम बनर्जी के मोबाइल पर फोन किया तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ मिला. पुलिस अधिकारी को यकीन हो गया कि महिला की हत्या करने के बाद आरोपी घर से फरार हो गया है. इसलिए आरोपी से पूछताछ और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल किया और अंततः मालदा से गिरफ्तार कर लिया. सिलीगुड़ी कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस ने आरोपी को अपने रिमांड में ले लिया है, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जा रही है.
अब तक की पूछताछ , पुलिस तथा अन्य सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर इस घटना के पीछे पति-पत्नी के बीच आए दिन होने वाले गृह क्लेश, विवाद और झगड़े हैं, जो दांपत्य जीवन को तेजी से निगल रहा है. वर्तमान समय में पति-पत्नी के बीच इगो उनके संबंधों को कमजोर कर रहा है. धैर्य का अभाव उन्हें हिंसा और अपराध की राह पर धकेल रहा है. दांपत्य जीवन को बनाए रखने के लिए धैर्य तो जरूरी है ही, इसके साथ ही आकांक्षाओं पर लगाम लगाना भी जरूरी है
. देवलीना बनर्जी माटीगाड़ा इलाके में एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका थी. उनका पति अरिंदम बनर्जी किसी बैंक में कर्मचारी थे. दंपति का एक बेटा भी था, जो 10 साल का हो चुका था. पति-पत्नी शिव मंदिर इलाके में रहा करते थे. आसपास के लोगों से मिल नहीं जानकारी के अनुसार पति-पत्नी में रोज ही लड़ाई झगड़े होते थे. पिछले काफी समय से दोनों के बीच अनबन रहती थी. एक दिन किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद इस कदर बढ़ गया कि गुस्से में आकर अरिंदम बनर्जी ने देवलीना की गला दबाकर हत्या कर दी.
पोस्टमार्टम के बाद देवलीना बनर्जी के शव को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है. पुलिस ने आरोपी A. बनर्जी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है. उसके बयान और फोरेंसिक सबूत के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी. माटीगाड़ा इलाके में यह घटना सुर्खियों में है.यह घटना आधुनिक जमाने में पति-पत्नी के बीच होने वाली कड़वाहट तथा इगो को लेकर समाज को एक सबक देती है.
