पहाड़ों की रानी दार्जिलिंग को खूबसूरत तरीके से सजाया गया है. चारों तरफ चहल-पहल के बीच शासन की घूमती हुई गाड़ियां और पुलिस अधिकारी सुरक्षा की अभेद्य दीवार तैयार करने में जुटे हुए हैं. सड़क रास्ते का काम तेजी से निबटाया जा रहा है. अब तो लाल कालीन या रेड कारपेट बिछाए जाने की देर है.
चारों तरफ उल्लास का वातावरण व्याप्त है. यहां के नर नारी और गोरखा समुदाय के लोग अपने देश के राष्ट्रपति और भारत की प्रथम नागरिक का स्वागत करने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. आदिवासी समुदाय में भी खासा उत्साह देखा जा रहा है. उन्हें ऐसा लग रहा है जैसे उनका कोई अपना उनका हाल जानने आ रहा है. उन्हें विश्वास है कि उनकी समस्या का समाधान होगा. दार्जिलिंग में आदिवासी समुदाय की एक बड़ी तादाद है.
कल भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दार्जिलिंग आ रही है. दार्जिलिंग पहाड़ में यह खबर गोरखा और आदिवासियों के बीच हर्ष और उल्लास का पैगाम लेकर आया है. कदाचित यह पहला मौका है जब देश का कोई राष्ट्रपति इस तरह से दार्जिलिंग रुकेगा. राष्ट्रपति दो दिवसीय दौरे पर कल यहां पहुंच रही है. वे दार्जिलिंग में राजभवन में रुकेंगी और प्रस्तावित कार्यक्रम में भाग लेंगी.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कल नई दिल्ली से विमान के द्वारा बागडोगरा एयरपोर्ट पर पहुंचेंगी और वहां से हेलीकॉप्टर के जरिए दार्जिलिंग जाएंगी. आर्मी के लेबोंग हेलीपैड पर लैंड करने के बाद सड़क मार्ग के द्वारा वह राज भवन जाएंगी. उनका रात्रि विश्राम राजभवन में ही होगा. अगले दिन 7 मार्च को राष्ट्रपति सड़क मार्ग से लेबोंग सेना हेलीपैड पहुंचेंगी और वहां से हेलीकॉप्टर के जरिए बागडोगरा के लिए उड़ान भरेंगी.
राष्ट्रपति का 7 मार्च को गोसाईपुर एयरपोर्ट अथॉरिटी ग्राउंड में आदिवासी समुदाय के एक कार्यक्रम में भाग लेना है. राष्ट्रपति बागडोगरा उतरने के बाद वह प्रस्तावित कार्यक्रम में भाग लेंगी और उसके बाद बागडोगरा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगी.
राष्ट्रपति के दार्जिलिंग दौरे को देखते हुए समतल से लेकर पहाड़ तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. केंद्र और राज्य के सुरक्षा बल और अधिकारी यहां डेरा डाले हुए हैं और सुरक्षा की सूक्ष्म पड़ताल कर रहे हैं. प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा पहाड़ में लेबोंग हेलीपैड की स्थिति का मुआयना किया गया है. यहां से लेकर राज भवन तक सड़क की स्थिति और सुरक्षा का पहले ही अध्ययन कर लिया गया है. उसके हिसाब से संपूर्ण तैयारी की जा रही है.
मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दार्जिलिंग में दार्जिलिंग हिल उत्सव को लॉन्च करेंगी. वह रूट एंड रिदम का उद्घाटन तथा एनसीसी कैडेट रैली को भी हरी झंडी दिखाएंगी. गोसाईपुर में राष्ट्रपति आदिवासी समुदाय को संबोधित कर सकती हैं. राजनीतिक दृष्टिकोण से राष्ट्रपति का दार्जिलिंग दौरा और आदिवासी समुदाय को संबोधित करना काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दार्जिलिंग दौरे से भाजपा को चुनाव में काफी लाभ हो सकता है. आदिवासी समुदायों में हाल के घटनाक्रमों के बाद काफी नाराजगी है. ऐसे में वे राष्ट्रपति को अपने प्रतिनिधि के तौर पर देख रहे हैं और उनकी बातों को ध्यान से सुनने के लिए उनकी बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे हैं. पहाड़ के गोरखा समुदाय पर भी राष्ट्रपति अपना प्रभाव डाल सकती हैं. जानकार मानते हैं कि इसका चुनाव में भाजपा को लाभ मिल सकता है.
