March 7, 2026
Sevoke Road, Siliguri
Uncategorized

रूकिए जरा! LPG के बाद अब क्या डीजल और पेट्रोल की बारी?

एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम में भारी इजाफा किया गया है. 14.2 किलो के सिलेंडर की कीमत में ₹60 जबकि कमर्शियल गैस सिलेंडर 19 किलो की कीमत में 115 रुपए का भारी इजाफा किया गया है. आप समझ गए होंगे कि मध्य पूर्व एशिया में हो रही जंग का हमारे देश में प्रभाव पड़ने लगा है. यह प्रभाव और कितना बड़ा होगा, सोच कर रूह कांप जाती है.

क्योंकि अभी से ही यह चर्चा शुरू हो गई है कि बहुत जल्द डीजल और पेट्रोल के दाम में भी भारी इजाफा होने वाला है. अनुमान लगाया जा रहा है कि डीजल और पेट्रोल के दाम में कम से कम ₹5 की एक साथ वृद्धि की जा सकती है. अगर ऐसा होता है तो जाहिर है कि इससे भारी महंगाई बढ़ेगी. क्योंकि ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ जाएगा और अंततः इससे वस्तुओं के दाम बढ़ेंगे.

अभी बंगाल समेत कई अन्य राज्यों में विधानसभा का चुनाव होने वाला है और चुनाव से पहले तेल कंपनियों के द्वारा घरेलू और व्यवसायिक रसोई गैस की कीमत में भारी वृद्धि कदाचित लोगों को हजम नहीं हो रही है. गृहणियां हतप्रभ हैं और सरकार के प्रति गुस्सा भी हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पर तीखा हमला भी किया है. लेकिन यह सरकार के हाथ में नहीं है.

समय-समय पर तेल के मूल्यों की समीक्षा तेल कंपनियां करती हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार भाव के हिसाब से ईंधन के मूल्य घटते बढ़ते रहते हैं. पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग के कारण कच्चे तेल के दाम में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी देखी गई है. एक हफ्ते के दौरान ही इसमें 39% का इजाफा हुआ है. शुक्रवार को कच्चे तेल का दाम अपने 52 सप्ताह के शीर्ष पर पहुंच गया था. .

मिडिल ईस्ट में छिड़ी यह जंग धीरे-धीरे भयानक होती जा रही है. यह जंग कब तक समाप्त होगी और इसका अंजाम क्या होगा, यह कोई नहीं जानता है. लेकिन अगर युद्ध इसी तरह लंबा खिंचता चला गया तो जाहिर है कि कई देशों की अर्थव्यवस्था को भारी आघात पहुंचेगा. उनमें से भारत देश भी शामिल होगा.

विशेषज्ञ अनुमान लगा रहे हैं कि बहुत जल्द डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ने वाले हैं. हालांकि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देशवासियों को आश्वासन दिया है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. भारत के पास पर्याप्त पेट्रोलियम स्टॉक है. पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद भारत के पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ का भरपूर भंडार है. लेकिन केंद्रीय मंत्री का यह एक राजनीतिक बयान है.

विशेषज्ञों के अनुसार भले ही देश में ईंधन की तत्काल कोई कमी नहीं हो. वे यह भी मानते हैं कि हो सकता है कि भारत के पास 50 से 60 दिनों का तेल भंडार हो. लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि तेल के मूल्य नहीं बढ़ेंगे. डीजल और पेट्रोल दोनों के दाम में भारी इजाफा हो सकता है.

बहरहाल यह देखना होगा कि आने वाले समय में सरकार डीजल और पेट्रोल के मूल्य में वृद्धि करती है या नहीं. या इसे लेकर सरकार के पास कोई अन्य प्लान है? वैसे राजनीतिक जानकार और विश्लेषकों के एक वर्ग का मानना है कि चुनाव को देखते हुए फिलहाल सरकार तेल के मूल्य में वृद्धि का विचार नहीं करेगी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *