February 1, 2026
Sevoke Road, Siliguri
Uncategorized

वित्त मंत्री ने पेश किया देश का बजट! बनारस से सिलीगुड़ी तक हाई स्पीड रेल कॉरिडोर!

भारत के बजट इतिहास में यह पहला अवसर है, जब रविवार को देश का आम बजट पेश किया गया है और यह भी पहला अवसर है जब बजट में सिलीगुड़ी को भी कुछ मिला है. अगर बजट के हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के बिंदुओं का विश्लेषण किया जाए तो स्पष्ट हो जाता है कि आने वाले समय में सिलीगुड़ी एक विकसित शहर के रूप में नजर आएगा.

बजट में बनारस से लेकर सिलीगुड़ी तक हाई स्पीड रेल कॉरिडोर निर्माण का प्रस्ताव है. वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में इसका उल्लेख किया है. उन्होंने कहा है कि महानगरों के विकास और उन्हें एक सूत्र में जोड़ने के लिए 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा. इससे महानगरों के बीच की दूरी घटेगी और विकास के नए आयाम स्थापित होंगे. इन 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में मुंबई पुणे, हैदराबाद पुणे, हैदराबाद बेंगलुरु, चेन्नई बेंगलुरु, दिल्ली वाराणसी और वाराणसी सिलीगुड़ी शामिल हैं.

गोरखपुर से लेकर बिहार होते हुए सिलीगुड़ी तक सड़क ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण कार्य तो पहले से ही चल रहा है. अब हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण से भी सिलीगुड़ी जुड़ जाएगा. इसका मतलब यह है कि सिलीगुड़ी में विकास की संभावनाओं को एक आकार मिलने जा रहा है. आने वाले समय में यहां उद्योग धंधों के विकास के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी एक क्रांति आ सकती है. खासकर व्यापार और वाणिज्य के क्षेत्र में सिलीगुड़ी शहर दिल्ली से सीधे जुड़ जाएगा.

किसी भी शहर के विकास में परिवहन संपर्क महत्वपूर्ण होता है. आज के बजट में निर्मला सीतारमण ने दिल्ली वाराणसी और वाराणसी सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की बात कही है. इसका अर्थ यह है कि सिलीगुड़ी सीधा दिल्ली से जुड़ेगा यानी सिलीगुड़ी और दिल्ली के बीच परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी. दोनों शहरों के बीच की दूरी घटेगी और इसका लाभ सिलीगुड़ी को मिलेगा.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीन नए एम्स की स्थापना की भी बात कही है. क्या उनमें से एक एम्स सिलीगुड़ी में होगा? यह प्रश्न इसलिए भी उठ रहा है कि कल ही गृह मंत्री अमित शाह ने गोसाईपुर के पार्टी कार्यकर्ता सम्मेलन में जोर देकर कहा है कि उनकी पार्टी की सरकार बंगाल में बनी तो सिलीगुड़ी के लोगों को एम्स दिया जाएगा. यानी स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सिलीगुड़ी को संप्रभुता प्राप्त होगी.

आज के आम बजट में वित्त मंत्री के पिटारे से उद्योग से लेकर रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट, नेशनल वॉटरवेज, टेक्सटाइल ,बायो फार्मा इंडस्ट्री समेत सभी क्षेत्रों में सुधार और विकास के प्रस्ताव रखे गए हैं. सभी क्षेत्रों में सरकार ने खर्च की एक सीमा भी तय की है जो मौजूदा हालात को देखते हुए जरूरी भी था. वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि 5 वर्षों में 20 नए नेशनल वॉटरवेज चालू किए जाएंगे. इसके अलावा उन्होंने लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए फंड की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा है.

वित्त मंत्री ने कहा है कि रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट की स्थापना की जाएगी. उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड की स्थापना की भी बात कही है. इस बजट में देश के टियर 2 और टियर 3 महानगरों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर लगातार जोर देने की भी बात कही गई है. सरकार सूक्ष्म उद्योगों के विकास पर 2000 करोड रुपए खर्च करेगी. जबकि लघु सूक्ष्म उद्योग के विकास पर अलग से 10000 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे.

बजट में स्किल डेवलपमेंट पर भी जोर दिया गया है. सूती उद्योग में स्किल डेवलपमेंट के लिए सरकार काम करेगी. इसके अलावा बायोफार्मा इंडस्ट्री पर भी सरकार ने 10000 करोड रुपए 5 वर्षों में खर्च करने की बात कही है. इस तरह से यह पूरा बजट तीन कर्तव्यों से प्रेरित नजर आता है. पहला सबका साथ सबका विकास. दूसरा भारत के नव निर्माण और विकास में लोगों की आकांक्षाओं एवं अपेक्षाओं को पूरा करते हुए उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम मजबूत बनाना और तीसरा मौजूदा परिस्थितियों में दुनिया भर में चल रही प्रतियोगिताओं और स्पर्धाओं के बीच भारत की आर्थिक विकास गति को बनाए रखना. अब देखना होगा कि इस बजट को अर्थशास्त्री और उद्योगपति किस रूप में लेते है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *