क्या आपने महसूस किया है कि जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव निकट आते जा रहे हैं, सिलीगुड़ी में उतनी ही तेजी से अपराध बढ़ रहे हैं और हथियारों की बरामदगी भी हो रही है. सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों के द्वारा आए दिन हथियारबंद लोग पकड़े जा रहे हैं. इस मामले में भक्ति नगर थाना और प्रधान नगर थाना सबसे आगे है, जहां पुलिस अधिकारियों ने आए दिन घातक हथियारों की बरामदगी समेत बदमाशों की धरपकड़ की है.
जो लोग पकड़े जा रहे हैं, उनमें से अधिकतर पड़ोसी राज्य बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड आदि राज्यों के रहने वाले हैं, जो सिलीगुड़ी के अलग-अलग भागों में किराए के मकान में रहते हैं और हथियारों की खरीद बिक्री जैसे कार्य में मशगूल हैं. सिलीगुड़ी में पिछले साल के उत्तरार्ध से ही ऐसी घटनाएं बढ़ गई है और नए साल में सबसे ज्यादा ऐसे मामले सामने आ रहे हैं. मिली जानकारी के अनुसार पिछले चार महीने में प्रधान नगर, भक्ति नगर और सिलीगुड़ी थाना ने लगभग 12 घातक हथियारों और जिंदा कारतूस के साथ एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया है.
सूत्रों ने बताया कि बरामद हथियारों को आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के लिए बाहर से लाया गया था. सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि इन हथियारों को बिहार से मंगाया जा रहा है. सूत्रों ने बताया कि बिहार, उत्तर प्रदेश और मुंगेर से हथियारों का ऑर्डर लिया जा रहा है. जो लोग इस कार्य में लगे हैं, वे सभी पुराने अपराधी हैं. बताया जा रहा है कि होममेड हथियारों की बिक्री सिलीगुड़ी में सर्वाधिक है. बिहार में हाथ से बने एक बंदूक की कीमत ₹20000 भी नहीं है.
अन्य हथियारों में ऑटोमेटिक पिस्टल, बंदूक आदि की खरीद बिक्री विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर की जा रही है. सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के अधिकारियों को अपने गुप्तचर सूत्रों से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने ऐसे संदिग्ध लोगों पर नजर बनाए रखने के लिए अपने इंटेलिजेंस सूत्रों को चौकस कर दिया है. पुलिस का खुफिया विभाग पूरी तरह चौकस है. स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और डीडी की टीम ऐसे लोगों पर नजर रख रही है, जो अवैध हथियारों की खरीद फरोख्त में लगे हुए हैं.
बताया जा रहा है कि सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कुख्यात अपराधियों की एक तालिका तैयार कर रही है. सूत्रों ने बताया कि पुलिस महकमा ऐसे लोगों को बेनकाब करने और अपराधियों के मंसूबों को विफल करने के लिए एक रणनीति तैयार कर रहा है. आने वाले समय में सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस की कार्रवाई और तेज होने वाली है. ऐसी जानकारी मिल रही है कि सिलीगुड़ी में चुनाव के मद्देनजर अभी से ही हथियारों की खरीद बिक्री और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखने का सिलसिला शुरू हो चुका है.
चुनाव विश्लेषक मानते हैं कि आगामी बंगाल विधानसभा चुनाव में हिंसा की घटनाएं अधिक हो सकती हैं. उसके लिए ही हथियारों को जमा किया जा रहा है. अपराधियों का उद्देश्य साफ है कि चुनाव से पहले सिलीगुड़ी की कानून व्यवस्था एवं शांति के वातावरण को नुकसान पहुंचाया जाए. अब देखना होगा कि सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस इसमें कितनी ज्यादा सच्चाई मानती है और इसे कितनी बड़ी चुनौती के रूप में लेती है. सिलीगुड़ी को अपराध मुक्त तथा हिंसा मुक्त बनाए रखने तथा अवांछित तत्वों के मंसूबों को नापाक करने के लिए भविष्य में पुलिस के कदम क्या होते हैं, इस पर भी रहेगी हमारी नजर!
