चुनावी बिगुल बज चुका है. चुनावी जंग में पार्टियां कूद पड़ी हैं. राजनीतिक दलों के द्वारा बिसात बिछाई जा रही है. किसमें है कितना दम, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता उत्तर बंगाल से इसकी शुरुआत करने जा रहे हैं. इसी सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का राजनीतिक घमासान उत्तर बंगाल को तपाने वाला है.
दोनों ही राजनीतिक नेता उत्तर बंगाल से रोड शो और रैलियां शुरू करने जा रहे हैं और इसका समापन दक्षिण बंगाल में करेंगे. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तो कल से ही आंधी तूफान की तरह पार्टी का प्रचार करने जा रही है. जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां रोड शो करते हुए कोलकाता के भवानीपुर में इसका समापन करेंगे.
सिलीगुड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोड शो करने वाले हैं. हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी इसकी घोषणा नहीं की गई है. परंतु सूत्र बताते हैं कि नरेंद्र मोदी का न केवल रोड शो ही होगा, बल्कि वह सिलीगुड़ी अथवा आसपास के इलाकों में रैली भी कर सकते हैं. समय और तारीख का अभी तक पता नहीं चला है. लेकिन जानकारी मिल रही है कि रामनवमी के बाद या फिर अप्रैल के पहले हफ्ते में मोदी का सिलीगुड़ी में मेगा रोड शो या रैली हो सकती है.
उधर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री कल से ही उत्तर बंगाल का दौरा कर रही हैं. उनका उत्तर बंगाल में लगातार 5 दिनों तक रोड शो, रैली, कार्यकर्ता सम्मेलन और जनसंपर्क अभियान शुरू होने वाला है. कल से उनका उत्तर बंगाल दौरा और प्रचार कार्यक्रम शुरू होने जा रहा है.कल चालसा के ज्योति आश्रम चर्च में उनका कार्यक्रम होगा. इसके बाद 25 मार्च को मुख्यमंत्री मयनागुड़ी, डाब ग्राम फुलवारी और माटीगाड़ा नक्सलबाड़ी विधानसभा क्षेत्र में अपनी पार्टी का चुनाव प्रचार करेंगी.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 26 मार्च को सिलीगुड़ी अंचल में जनसभा करने वाली है. मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री का पांडवेश्वर और दुबराजपुर में दो जनसभाएं होंगी . 27 मार्च को मुख्यमंत्री बांकुरा में दो रैलियां करने वाली है. उनकी पहली रैली छटना और दूसरी रैली ओंडा में होने वाली है. जबकि 28 मार्च को मुख्यमंत्री रानीगंज, रघुनाथपुर और काशीपुर में तीन रैलियां अथवा रोड शो में भाग लेने वाली है. 29 मार्च रविवार को मुख्यमंत्री का रायपुर और मान बाजार में रैलिया प्रस्तावित है. 30 मार्च को मुख्यमंत्री पासकुड़ा पश्चिमी, देबड़ा और नारायणगढ़ में तीन रैलियां अथवा रोड शो कर सकती हैं. 31 मार्च को मुख्यमंत्री का चंद्रकोना, गरबेटा और विष्णुपुर में तीन रैलियां अथवा रोड शो प्रस्तावित है.
इस तरह से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कल से 31 मार्च तक अपनी पार्टी का धुआंधार चुनाव प्रचार करने वाली है. पश्चिम बंगाल की सत्ता में आने के लिए लगातार जी तोड़ कोशिश कर रही भारतीय जनता पार्टी बंगाल पतह हासिल करने के लिए स्टार कंपेनर को उतार रही है. यह चुनाव मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बनाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होने वाला है. सूत्रों ने बताया कि इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद बंगाल चुनाव की बागडोर संभाल रहे हैं.
मिल रही जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां 10 से 12 रैलियां कर सकते हैं. इसके अलावा उनका रोड शो भी होने वाला है. सूत्र बता रहे हैं कि नरेंद्र मोदी कोलकाता में भवानीपुर अथवा आसपास के क्षेत्र में विशाल रोड शो कर सकते हैं. कोलकाता में उनकी रैलियां भी होने वाली है. सूत्रों ने बताया कि नरेंद्र मोदी का रोड शो अथवा जनसभा कब होगी, इसकी कोई तारीख अभी तक निश्चित नहीं है. पर रामनवमी के बाद बंगाल में उनका चुनाव प्रचार कार्यक्रम जोर पकड़ने वाला है.
इस बार भारतीय जनता पार्टी के सभी बड़े दिग्गज नेता और प्रदेश नेता पूरे राज्य में रैलिया और रोड शो करने वाले हैं. इन स्टार कैंपेनर की सूची में मिथुन चक्रवर्ती के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ,उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा प्रदेश भाजपा के दर्जन पर नेता राज्य का दौरा करने वाले हैं. इन नेताओं में शमिक भट्टाचार्य, सुकांत मजूमदार ,सुवेंदु अधिकारी, राहुल सिंहा, दिलीप घोष आदि के नाम शामिल है.
नितिन नवीन 24 और 25 मार्च को कोलकाता में होंगे. जबकि अमित शाह पूरे राज्य में 12 से 14 रैलियां और रोड शो कर सकते हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यहां आठ जनसभाएं होने वाली है. भाजपा शासित दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री भी यहां चुनाव प्रचार करने वाले हैं.
तृणमूल कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के अलावा दर्जनों स्टार कंपेनर अपनी पार्टी का चुनाव प्रचार करेंगे और टीएमसी के उम्मीदवार को विजई बनाएंगे. स्टार कंपेनर की सूची में शत्रुघ्न सिन्हा, कीर्ति आजाद, क्रिकेटर यूसुफ पठान, बाबुल सुप्रियो के अलावा टीएमसी के वरिष्ठ मंत्री और नेता शामिल है. इस तरह से सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चुनावी जंग का गवाह बनने जा रहा है बंगाल.
