सिलीगुड़ी में पिछले कुछ दिनों से ट्रैफिक जाम की स्थिति भयंकर होती जा रही है. चाहे वह सेवक रोड हो, पानी टंकी मोड, विधान मार्केट, एयर व्यू मोड, हाशमी चौक, सिलीगुड़ी जंक्शन, हिल कार्ट रोड, दार्जिलिंग मोड, डागापुर, सिटी सेंटर सब जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति काफी भयंकर है. सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट की ओर से लगातार कोशिश की जा रही है कि ट्रैफिक जाम की स्थिति में सुधार हो. ट्रैफिक जाम के कारण ही सिलीगुड़ी की रफ्तार थम सी गई है.
परंतु अब सिलीगड़ी पुलिस कमिश्नरेट के ट्रैफिक विभाग की ओर से जो पहल की जा रही है, वह तकनीक आधारित है और उससे यह कयास लगाया जा रहा है कि जल्द ही सिलीगुड़ी के लोगों को जाम से मुक्ति मिल जाएगी. वास्तव में ट्रैफिक विभाग ने फैसला किया है कि सिलीगुड़ी में लगातार बढ़ते जाम की निगरानी रखने के लिए ड्रोन की सहायता ली जाएगी. आज इस तकनीक का इस्तेमाल भी सिलीगुड़ी जंक्शन से लेकर चंपासारी, डागापुर, सिटी सेंटर आदि इलाकों में किया गया.
यह अभियान डिप्टी पुलिस कमिश्नर ट्रैफिक विभाग काजी शमसुद्दीन अहमद के नेतृत्व में चलाया गया. ट्रैफिक विभाग की ओर से चलाए गए इस अभियान में सिलीगुड़ी जंक्शन, चंपा साड़ी, दागापुर, सिटी सेंटर के अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग तथा महत्वपूर्ण चौराहों पर नजर रखी गई .विभाग ने ड्रोन के फुटेज का अध्ययन करके पाया है कि सिलीगुड़ी में ट्रैफिक जाम को बढ़ाने में टोटो, बाइक सवार और ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करने वाले कुछ चालक भी शामिल हैं.
डिप्टी पुलिस कमिश्नर काजी शमसुद्दीन अहमद ने बताया कि हमने पाया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोटो भी चल रहे हैं. इसके अलावा कुछ बाइक सवारों ने अपने लेन को तोड़ने का काम किया है. जबकि कई वाहन चालक लापरवाही से वाहन चलाते ड्रोन के कैमरे में कैद किए गए हैं. उन्होंने बताया कि आज के अभियान में सड़क पर पैदल चलने वालों पर भी सख्ती बरती गई है तथा उन्हें बताया गया है कि ट्रैफिक सिग्नल का पालन करते हुए ही वह सड़क पार करें.
राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोटो का चलना ट्रैफिक नियमों का सीधा-सीधा उल्लंघन है. कोर्ट ने पहले ही इस पर प्रतिबंध लगा रखा है. परंतु कुछ टोटो चालक चोरी छिपे नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं. उन्होंने संकेत किया है कि ऐसे टोटो चालकों की पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि चंपासारी से सिटी सेंटर तक टोटो पर बैन जारी रहेगा. ऐसी जानकारी मिली है कि आज के ट्रैफिक के इस विशेष अभियान की सफलता का मूल्यांकन करके विभाग के द्वारा उसका सिलीगुड़ी के अन्य भागों में भी इस्तेमाल किया जाएगा.
