चुनाव आयोग की तैयारियों से संकेत मिल रहा है कि पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के चुनाव की घोषणा कुछ ही दिनों बाद यानी मार्च के पहले हफ्ते में की जा सकती है. पश्चिम बंगाल में राज्य चुनाव आयोग तेजी से एस आई आर प्रक्रिया को संपन्न करने में जुटा है. और लक्ष्य यही है कि 14 फरवरी तक अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जा सके. हालांकि मौजूदा स्थितियों को देखते हुए ऐसा लगता नहीं है कि 14 फरवरी तक SIR का काम संपन्न हो सके.
इस साल देश के पांच राज्यों में चुनाव कराए जाने हैं. उनमें से बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम एवं पुडुचेरी शामिल है. असम राज्य में एस आई आर नहीं हो रहा है. इसलिए असम सरकार चुनाव आयोग की घोषणा का इंतजार कर रही है. असम में भारतीय चुनाव आयोग ने निचले अधिकारियों को चुनाव की स्थिति का जायजा लेने के लिए भेज दिया है. असम में अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कल होना है. सूत्र बता रहे हैं कि असम चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है.
लेकिन जिन राज्यों में एस आई आर प्रक्रिया चल रही है, वहां चुनाव आयोग के अधिकारी प्रक्रिया संपन्न होने का इंतजार कर रहे हैं. पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में 14 फरवरी को तथा तमिलनाडु में 17 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा. इसके बाद इन राज्यों में भारतीय चुनाव आयोग अपने अधिकारियों को मुआयना के लिए भेजेगा. जांच के बाद वे अपनी रिपोर्ट चुनाव आयोग को देंगे.
देखा जाए तो पश्चिम बंगाल में चुनाव की घोषणा इसी महीने हो जानी चाहिए थी. 2021 में चुनाव आयोग ने 26 फरवरी को चुनाव कराने की घोषणा की थी. लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा. क्योंकि अभी ना तो ऐसा SIR प्रक्रिया संपन्न हुई है और ना ही राज्य चुनाव आयोग के द्वारा नए वोटर पर विचार किया गया है. जिन लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया है, ऐसे लोगों को राज्य चुनाव आयोग के द्वारा बीएलओ से संपर्क करने के लिए कहा गया है.
बीएलओ के द्वारा कहा जा रहा है कि उन पर काम का अत्यधिक दबाव है. ऐसे में वे नए मतदाताओं के लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं. कम से कम पश्चिम बंगाल में ऐसा लगता है कि नए वोटर की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन में विलंब हो सकता है.
लेकिन जो भी हो, सभी पांच राज्यों में समय पर चुनाव कराने की चुनाव आयोग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है. जिस तरह से चुनाव आयोग के अधिकारियों का दौरा इन राज्यों में बढ़ गया है, उसको देखते हुए यही कहा जा सकता है कि भारतीय चुनाव आयोग एक उचित समय का इंतजार कर रहा है. जहां वह इन राज्यों के लिए चुनाव की घोषणा कर सके.
सूत्र बता रहे हैं कि होली के आसपास या मार्च 10 तक भारतीय चुनाव आयोग इन राज्यों में चुनाव कराने की तिथियों की घोषणा कर सकता है. इसी 15 फरवरी से चुनाव आयोग के अधिकारी विभिन्न राज्यों का दौरा करने वाले हैं जहां चुनाव कराए जाएंगे.
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक दल भी चुनाव आयोग के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं. उन्हें लगता है कि चुनाव आयोग तिथियों की घोषणा में अब देर नहीं करेगा. अगर एस आई आर की प्रक्रिया जल्द खत्म हो जाती है तो चुनाव आयोग को एक राहत मिलेगी. ऐसे में अधिकारी स्थिति का मुआयना करने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त को इसकी रिपोर्ट देंगे और मुख्य चुनाव आयुक्त दिल्ली में पांच राज्यों के चुनाव की घोषणा कर सकता है.
