अगर यह कहा जाए तो कोई गलत नहीं होगा कि सिलीगुड़ी और आसपास के इलाकों में पिछले दिनों हुई सड़क दुर्घटनाओं में डंपर जैसे वाहनों का प्रमुख हाथ है. पिछले दिनों डंपर की चपेट में आने से एक नाबालिग की दर्दनाक मौत हो गई थी. कभी शक्तिमान सिलीगुड़ी के लिए अभिशाप बना था. आज प्रशासन की सख्ती के बाद शक्तिमान का परिचालन बंद है. हालांकि कभी-कभार शक्तिमान को सिलीगुड़ी की सड़कों पर देखा जा सकता है. ठीक उसी तरह की सख्ती डंपर को लेकर प्रशासन करने जा रहा है.
इन दिनों डंपर और पिकअप जैसे वाहन यमराज बनकर शहर में घूम रहे हैं. चंपासारी, मेडिकल इलाके, फूलबाड़ी, एनजेपी, ईस्टर्न बायपास और सिलीगुड़ी के आसपास के इलाकों में ऐसे वाहनों को रोज ही देखा जा सकता है. हालांकि पिछले दिनों की सड़क दुर्घटना के बाद ट्रैफिक पुलिस के द्वारा उठाए गए सख्त कदम से स्थिति में कुछ अंतर आया है और उनकी संख्या में कमी आई है. सिलीगुड़ी ट्रैफिक विभाग से लेकर सिलीगुड़ी नगर निगम प्रशासन भी डंपर को शहर के भीतर नहीं चलने देने को लेकर सख्त हुआ है. सिलीगुड़ी ट्रैफिक विभाग डंपर के पीछे पड़ चुका है और दिन के समय डंपर की आवाजाही को रोकने के लिए सिलीगुड़ी नगर निगम के सहयोग से प्रशासनिक ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है. स्वयं सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर गौतम देव ने यह बात बताई है.
गौतम देव ने आज एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि शहर के भीतर दिन के समय किसी भी कीमत पर डंपर को चलने नहीं दिया जाएगा. उसका एक टाइमिंग होगा. सुबह 9:00 से लेकर रात्रि 9:00 तक सिलीगुड़ी की सड़कों पर डंपर अथवा मालवाहक वाहन नहीं दिखेंगे. हालांकि यह सरकारी निर्देश पहले से ही लागू है. परंतु उसका सख्ती से पालन नहीं हो पा रहा है. अब इस सरकारी निर्देशिका का कड़ाई से पालन किया जाएगा. समय अवधि को भी बढ़ाया जा सकता है इसके लिए ट्रैफिक पुलिस भी पूरी तरह तैयार है.
अगर दिन के समय डंपर अथवा कोई भी भारी वाहन सिलीगुड़ी शहर के भीतर चलता हुआ नजर आया तो पुलिस डंपर जब्त करने के साथ ही भारी भरकम चालान भी काटेगी. यह चालान कितना होगा, इसका ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है. डंपर की आवाजाही पर प्रतिबंध की समय सीमा को और भी बढ़ाया जाएगा. गौतम देव ने बताया कि जल्द ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सिलीगुड़ी आएंगी, तो उनके समक्ष एक प्रस्ताव रखा जाएगा. अनुमोदन के बाद उसे कोलकाता विचार के लिए भेजा जाएगा. उन्होंने बताया कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा और बैठक के बाद मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्ताव को रखा जाएगा.
मिली जानकारी के अनुसार सिलीगुड़ी के निकट ग्रामीण इलाकों में चोरी छुपे डंपर और शक्तिमान जैसे ट्रक आज भी चल रहे हैं. डीसीपी काजी शमसुद्दीन अहमद का भी यह मानना है. इसलिए पुलिस अधिकारी ने लोगों से सहयोग करने को कहा है. अगर किसी को दिन के समय कहीं भी डंपर अथवा शक्तिमान जैसे वाहन चलते हुए नजर आए तो वे पुलिस को सूचित करें. ट्रैफिक विभाग की ओर से डंपरों को चिन्हित कर कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. गौतम देव ने संकेत दिया है कि डंपर की आवाजाही की समय अवधि को रात्रि 10:00 बजे तक बढ़ाया जा सकता है. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस और प्रशासन की सख्ती कागजों तक ही सीमित रहेगी या फिर यथार्थ में लागू होते देखी जा सकेगी? इसका जवाब समय के गर्भ में छिपा है.
