January 31, 2026
Sevoke Road, Siliguri
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सावधान! सिक्किम से नकली शराब की सिलीगुड़ी समेत उत्तर बंगाल में बड़े पैमाने पर सप्लाई की तैयारी!

आज एक्साइज विभाग ने एक विस्फोटक खबर के साथ शराब पीने वाले लोगों की नींद उड़ा दी है. सिलीगुड़ी समेत उत्तर बंगाल में शराब की खपत सबसे ज्यादा है. खासकर सस्ती शराब पीने वालों की संख्या सर्वाधिक है. अंग्रेजी शराब महंगी होने के बाद शराब पीने वालों का एक बड़ा वर्ग सस्ती देसी दारू पीने की ओर अग्रसर हुआ है. ऐसे में शराब तस्कर और माफिया बड़े पैमाने पर नकली शराब के निर्माण में जुट गए हैं

आज एक्साइज विभाग ने शराब के शौकीन लोगों को खबरदार करते हुए एक ऐसी खबर दी है जिसके बाद सस्ती शराब पीने से पहले लोग सौ बार उस पर विचार करेंगे. वास्तव में सिक्किम में शराब माफिया नकली सिक्किम की शराब तैयार कर रहे है और अपने नेटवर्क के एजेंटों के माध्यम से दार्जिलिंग, कालिमपोंग होते हुए सिलीगुड़ी, Dooars और तराई के क्षेत्रों में सप्लाई कर रहे हैं.

मिली जानकारी के अनुसार नकली शराब से एक ओर पश्चिम बंगाल सरकार को राजस्व की भारी क्षति हो रही है, तो दूसरी तरफ सिक्किम की ऐसी शराब पीकर लोग विभिन्न तरह की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार यह नकली शराब पीने वालों के हृदय और गुर्दे को क्षति पहुंचाती है. एक्साइज विभाग के द्वारा जारी एक संवाददाता सम्मेलन के माध्यम से बताया गया है कि बंगाल सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व का नुकसान हो रहा है, तो दूसरी तरफ ऐसी नकली शराब पीकर लोग मर भी रहे हैं.

आज एक्साइज विभाग के द्वारा दार्जिलिंग और कालिमपोंग में नकली शराब की एक बड़ी खेप पकड़ी गई, जो सिक्किम में तैयार की जा रही थी. इस नकली सिक्किम की शराब में एक्साइज ड्यूटी का लेबल भी नहीं पाया गया. संदेह होने पर पूछताछ की गई तो यह भंडाफोड़ हो गया. सिक्किम में ऐसी शराब बड़े पैमाने पर तैयार की जा रही थी.

एक्साइज विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि विभाग की ओर से सिक्किम, दार्जिलिंग और कालिमपोंग के विभिन्न नाका प्वाइंटों पर नाकेबंदी बढ़ा दी गई है. विभाग की पूरी कोशिश है कि शराब तस्कर सिक्किम से दार्जिलिंग अथवा कालिमपोंग शराब नहीं ले जा सके. इसके लिए विभाग की ओर से 3 पॉइंट पर 24 घंटे नाका चेकिंग बढ़ा दी गई है. उन्होंने बताया कि जोङ्थांग से दार्जिलिंग, रंगपो और रेसी बॉर्डर पर कर्मियों की ड्यूटी बढ़ाई गई है.

मिली जानकारी के अनुसार पहले बड़े पैमाने पर भूटान से भी सस्ती शराब की तस्करी होती थी. लेकिन हाल ही में भूटान सरकार के द्वारा शराब की कीमत बढ़ाई जाने के बाद तस्करी कम हो गई है. तस्कर पहले जय गांव, अलीपुरद्वार, चामूर्ची, बीरपारा चाय बागान के रास्ते उत्तर बंगाल में भूटानी शराब की आपूर्ति करते थे. लेकिन शराब की कीमत बढ़ने के बाद यह धंधा फिलहाल रुक गया है. एक्साइज विभाग के लिए यह एक अच्छी खबर है.

एक्साइड विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सिक्किम में बन रही नकली शराब को उत्तर बंगाल तक नहीं पहुंचने देने के लिए पुलिस के साथ मिलकर एक्साइज विभाग एक बड़े ऑपरेशन पर काम कर रहा है. जलपाईगुड़ी एक्साइज विभाग पहले ही कमर कसकर खड़ा है. क्षेत्रीय परिषदों और प्रशासनिक अधिकारियों का सहयोग भी विभाग को मिल रहा है. शराब तस्कर पहले मेली होकर नकली शराब की खेप उत्तर बंगाल को ले जाते थे. लेकिन अब वहां 24 घंटे ड्यूटी बढ़ा दी गई है और विभिन्न नाका चेकिंग पर कर्मचारियों तथा अधिकारियों की संख्या भी बढ़ाई गई है.

सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार दार्जिलिंग, कालिमपोंग के अलावा जोरथांग रूट, रंगपो बॉर्डर इत्यादि नाका पॉइंट पर विभाग के द्वारा ऑपरेशन चलाया जा रहा है. इसके लिए विभाग की ओर से एक स्पेशल ग्रुप तैयार किया गया है, जो शराब तस्करों पर नजर रख सके.

इस तरह से बंगाल सरकार को होने वाली भारी राजस्व की क्षति तथा उत्तर बंगाल के लोगों की जान माल की सुरक्षा के लिए विभाग की ओर से भरसक प्रयास किया जा रहा है कि नकली शराब सिलीगुड़ी में नहीं पहुंचे. अधिकारियों का दावा तो यही है. पर क्या एक्साइज विभाग की ओर से शराब माफिया का नकेल कसने के लिए भी कोई योजना है? इसका जवाब तो विभाग के द्वारा भविष्य में उठाए जाने वाले कदमों को देखकर ही पता चलेगा. बहर हाल यह देखना होगा कि नकली शराब के काम में लगे माफिया तक विभाग पहुंच पाता है या नहीं.

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