February 6, 2026
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हवाई यात्रियों को एयरपोर्ट पर मिलेगा सस्ता खाना!

आमतौर पर हवाई जहाज से यात्रा करने वाले मुसाफिरों की सबसे बड़ी परेशानी यह होती है कि उन्हें एयरपोर्ट परिसर में बैठकर हवाई जहाज का इंतजार करते हुए कुछ खाने की इच्छा होती है लेकिन कैंटीन का खाना इतना महंगा होता है कि इच्छा रखते हुए भी कई विमान यात्री नहीं खा पाते हैं. पानी से लेकर बिस्कुट, सैंडविच, चाय, समोसे सब महंगे होते हैं.

एक तो हवाई जहाज का किराया महंगा होता है. ऊपर से कैंटीन और यहां की हर चीज महंगी हो तो एक मध्यम वर्ग का व्यक्ति इन बढे हुए खर्चों को अफोर्ड करने की स्थिति में नहीं होता. कई बार तो ऐसा होता है कि भूख लगने पर भी विमान यात्री अपनी भूख को जबरन शांत कर लेते हैं. क्योंकि एयरपोर्ट पर पानी भी सस्ता नहीं होता है.

विमान यात्रियों के अनुसार एयरपोर्ट परिसर में एक साधारण चाय भी ₹250 की आती है. अगर आपको समोसा खाने की इच्छा हो तो एक समोसा 350 रुपए का आता है. इसी तरह से पानी की बोतल भी काफी महंगी होती है. कई बार विमान यात्रा करने के क्रम में विमान टिकट से लगभग दुगुना खर्च हो जाता है. इस तरह की समस्या काफी समय से चली आ रही है. लेकिन किसी ने अभी तक सरकार का ध्यान आकृष्ट नहीं किया.

पहली बार संसद में आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्डा ने इस विषय को छुआ है. उन्होंने संसद को बताया कि विमान यात्रियों को महंगा खाना देने के पीछे सरकार की मंशा क्या है. क्या सरकार विमान यात्रियों को सस्ता खाना नहीं दे सकती है? उन्होंने एक विमान यात्री के दर्द और पीड़ा से संसद को अवगत कराया. इसका सरकार पर भी अच्छा प्रभाव पड़ा है. पहली बार सरकार जगी है और विमान यात्रियों के लिए अफॉर्डेबल कैंटीन की व्यवस्था की मंशा जाहिर की है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आने वाले समय में देश के लगभग सभी हवाई अड्डों पर विमान यात्रियों को सस्ता खाना मिलेगा. सरकार अफॉर्डेबल कैंटीन की शुरुआत करने जा रही है. आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने बताया है कि कोलकाता से इसकी शुरुआत हो रही है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से सर्वप्रथम कोलकाता में अफॉर्डेबल कैंटीन शुरू किया जा रहा है.

विमान यात्रियों को पोर्टेबल कैंटीन से चाय ₹10 में और समोसा ₹20 में मिलेगा. धीरे-धीरे यह व्यवस्था देश के सभी हवाई अड्डों पर शुरू की जाएगी. अगर ऐसा होता है तो विमान यात्रियों को इससे काफी राहत मिलेगी. इसलिए आने वाले समय में अगर बागडोगरा हवाई अड्डे पर भी यह व्यवस्था देखने को मिले तो कोई आश्चर्य नहीं होगा. पोर्टेबल कैंटीन शुरू करने से न केवल अथॉरिटी को ही लाभ होगा बल्कि उसकी बिक्री बढ़ेगी और इसके साथ ही विमान यात्रियों को अपनी भूख दबानी नहीं पड़ेगी.

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