सिलीगुड़ी के निकट सालबाड़ी स्थित एक नर्सिंग ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट में फर्जीवाड़ा हुआ है. छात्राओं के द्वारा स्कैम उजागर करने के बाद उक्त संस्थान का निदेशक बताया जाने वाला मालिक सुरेंद्र कुमार भारती भूमिगत हो चुका है. पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है और बिहार पुलिस से संपर्क स्थापित करने की कोशिश कर रही है. सुरेंद्र कुमार भारती बिहार का रहने वाला था.
सालबारी में यह इंस्टिट्यूट काफी समय से चल रहा था.उक्त इंस्टिट्यूट में काम करने वाले तीन स्टाफ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार व्यक्तियों में करीना राई, सजना खत्री और खेवाल खवास के नाम उल्लेखनीय हैं. करीना राई सिलीगुड़ी के भानु नगर ,जबकि संजना खत्री दार्जिलिंग जिले के सुखिया पोखरी और खेवाल खवास कर्सियांग के निवासी बताए गए हैं.
कथित ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की तरफ से इस बात का दावा किया गया था कि उनके संस्थान में पैरामेडिकल कोर्स कराया जाता है. पैरामेडिकल कोर्स करने के बाद उम्मीदवारों को किसी न किसी अस्पताल में नौकरी मिलने के अवसर बढ़ जाते हैं. वर्तमान में बहुत से नए-नए मेडिकल खुल गए हैं और आने वाले समय में खुलते रहेंगे. ऐसे में इन क्षेत्रों में योग्यता प्राप्त उम्मीदवारों के नौकरी के अवसर बढ़ जाते हैं.
जिस तरह से युवाओं का एक बड़ा वर्ग पैरामेडिकल की ओर आकर्षित हुआ है, उसे भुनाने के लिए ठग भी सक्रिय हो गए हैं. जो छात्रों को आकर्षित और प्रभावित करने के लिए बड़े-बड़े दावे करते हैं और ट्रेनिंग एडमिशन के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूल करते हैं. अपने भविष्य को संवारने की कोशिश में युवा इधर-उधर से पैसे का इंतजाम करके संस्थान की फीस तो भर देते हैं, लेकिन जब वह ट्रेनिंग लेने लगते हैं तो उन्हें पता चलता है कि उनके साथ धोखा हुआ है.
कुछ ऐसा ही मामला इस संस्थान से जुड़ा हुआ है. इस संस्थान में अधिकतर सिक्किम की युवतियां ट्रेनिंग ले रही थीं. संस्थान ने उनका करियर बनाने का दावा करके उनसे एक मोटी रकम वसूल की थी. दावा किया जा रहा है कि उनसे पैरामेडिकल के दो वर्षीय कोर्स में दाखिले के नाम पर प्रति छात्र लगभग डेढ़ लाख रुपए की फीस वसूली गई थी. संस्थान में ट्रेनिंग लेने वाली युवतियों को उनके साथ धोखा होने की जानकारी तब मिली, जब 2 दिन पहले संस्थान के डिस्प्ले बोर्ड पर संस्थान के वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर होने का बोर्ड लगा दिया गया. इसके बाद ही यहां हंगामा शुरू हुआ.
यह संस्थान प्रधान नगर थाना पुलिस के अंतर्गत आता है. जब संस्थान में ट्रेनिंग ले रहे युवाओं को पता चला कि उनके साथ धोखा हुआ है तो उन्होंने प्रबंधन से सवाल किया तो उनकी तरफ से कहा गया कि उनका संस्थान शुरू से ही वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर का है ना कि यहां पैरामेडिकल कोर्स कराया जाता है. जबकि लड़कियों ने पैरा मेडिकल कोर्स के नाम पर ही फीस दी थी और एडमिशन के समय भी उन्हें यही बताया गया था. छात्राओं के विरोध और प्रदर्शन के बाद प्रधान नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह से छात्राओं को शांत कराया.
रविवार को एक बार फिर से छात्राओं का हंगामा शुरू हो गया. छात्राओं ने संस्थान के सामने ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया. इससे पथ अवरोध हो गया. मुख्य सड़क पर जाम लगने लगा. स्थिति बिगड़ते देखकर पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रेनिंग ले रही छात्राओं की शिकायत को दर्ज कराया. इसके आधार पर पुलिस ने उक्त संस्थान के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया. उन्हें रविवार को ही सिलीगुड़ी अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पूछताछ के लिए 3 दिनों के पुलिस रिमांड में रखा गया है. सूत्रों ने बताया कि इस संस्थान में लगभग 300 शिक्षार्थी ट्रेनिंग ले रहे थे. उनका भविष्य अधर में लटक गया है.
इस बीच सिक्किम सरकार ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए अपने अधिकारियों को सिलीगुड़ी भेजा है, ताकि वे छात्राओं से संपर्क कर उचित कारण समझ सकें. सिक्किम सरकार के प्रतिनिधि सिलीगुड़ी में थे और छात्राओं के संपर्क में थे. छात्राओं से बातचीत करने और वास्तविक घटना का पता लगाने के बाद अधिकारी सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग को अपनी रिपोर्ट देंगे. उसके आधार पर सिक्किम सरकार कार्रवाई करेगी. इस बीच छात्राओं को आश्वस्त किया गया है कि सिक्किम सरकार उनके साथ है और उन्हें इंसाफ दिलाने के लिए सभी तरह के कदम उठाएगी.
