मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चुनाव से पहले एक पर एक कई घोषणाएं करने तथा उन घोषणाओं को जमीन पर उतारने के बाद भारतीय जनता पार्टी में खलबली मच गई है. भारतीय जनता पार्टी इसके जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक मेगा रैली करने की तैयारी कर रही है. यह रैली मार्च के पहले सप्ताह में हो सकती है.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस जनता से सीधे जुड़ने जैसी योजनाएं शुरू कर चुकी है. पहले लखी भंडार के द्वारा महिलाओं को हर महीने दिए जाने वाले भत्ते में वृद्धि के बाद राज्य के शिक्षित बेरोजगार नौजवानों को हर महीने ₹1500 मासिक भत्ता दिए जाने के संबंध में द्वारे सरकार शिविरों के माध्यम से फार्म भरवाया जा रहा है. इस तरह से टीएमसी ने राज्य की महिलाओं के साथ-साथ राज्य के शिक्षित बेरोजगारों को अपने खेमे में लाने का प्रयास कर रही है.
भारतीय जनता पार्टी दीदी की इस उदारता को भ्रष्टाचार से ध्यान हटाने की कोशिश मान रही है. भाजपा के द्वारा जल्द ही यात्राएं निकाले जाने का कार्यक्रम है. यह कार्यक्रम मिशन स्तर पर निकलेगा. जो राज्य के सभी संगठनात्मक जिलों से होकर कोलकाता पहुंचेगी. संभावना व्यक्त की जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यात्रा समापन पर कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में एक मेगा रैली कर सकते हैं. इस रैली में प्रधानमंत्री ममता बनर्जी के झूठ का पर्दाफाश कर सकते हैं.
पूरी भाजपा इसकी तैयारी में जुट गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहले इसी महीने के अंतिम हफ्ते में गृह मंत्री अमित शाह कोलकाता पहुंच रहे हैं. हालांकि गृह मंत्री का कोलकाता में सार्वजनिक भाषण का कोई कार्यक्रम नहीं है. वह बीएसएफ के कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे हैं. पर सूत्र बता रहे हैं कि अमित शाह पार्टी संगठन से लेकर राज्य के बीजेपी के बड़े नेताओं के साथ एक मीटिंग कर सकते हैं. सूत्र बता रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता ब्रिगेड मैदान की रैली में ममता बनर्जी के झूठ का पर्दाफाश करते हुए राज्य के लोगों के हित में कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं.
इसके साथ ही प्रधानमंत्री राज्य के लोगों के कल्याण के लिए क्या-क्या केंद्र की ओर से भविष्य में किया जाना है और राज्य में उनकी पार्टी की सरकार बनती है तो राज्य के लोगों को क्या फायदे होंगे, यह सभी महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकते हैं. इस कार्यक्रम का समय चुनाव आयोग के द्वारा तिथियों की घोषणा से एक-दो दिन पहले हो सकता है. इसके साथ ही भाजपा और दूसरी पार्टियां बाकायदा चुनाव मैदान में कूद सकती हैं. जानकार मानते हैं कि प्रधानमंत्री की रैली मेगा रैली होगी और इस रैली की सफलता प्रधानमंत्री द्वारा राज्य के लोगों के हित में उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी होगी.
