सिलीगुड़ी: अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ एनजीओ’ के नौवें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन आगामी 7 मार्च को सिलीगुड़ी में किया जाएगा। इस सम्मेलन में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। सम्मेलन का आयोजन सिलीगुड़ी महकमे के विधाननगर क्षेत्र में किया जाएगा, जहां राष्ट्रपति स्वयं कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगी और उपस्थित प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगी।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सामाजिक संगठनों की भूमिका, उनकी चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर मंथन करना है। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक विकास, सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण तथा जनकल्याणकारी गतिविधियों पर विशेष जोर दिया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने संबोधन में पर्यावरण सुरक्षा और सतत विकास का संदेश देंगी।
इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ एनजीओ के कार्यकारी अध्यक्ष नरेश कुमार मुर्मू ने बताया कि यह सम्मेलन सामाजिक संगठनों की संस्कृति, परंपरा, कला और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहेगा। सम्मेलन में कुल आठ प्रमुख सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें स्वदेशी जीवनशैली, लोक संगीत, नृत्य, सामाजिक चुनौतियों तथा जनभागीदारी जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसके माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार की जाएगी।
इस सम्मेलन में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सिक्किम के मुख्यमंत्री, राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस सहित देश-विदेश से कई गणमान्य अतिथि भाग लेंगे। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भी इस सम्मेलन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। आयोजकों के अनुसार, यह सम्मेलन न केवल सिलीगुड़ी बल्कि पूरे उत्तर बंगाल के लिए गौरव का विषय है।
सम्मेलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। आयोजकों ने दार्जिलिंग जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर चर्चा की है। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए प्रशासन द्वारा विशेष सुरक्षा योजना तैयार की गई है। कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
साथ ही, शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की जाएगी। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।
यह सम्मेलन सामाजिक संगठनों के लिए अनुभव साझा करने का एक बड़ा मंच साबित होगा। इसमें सामाजिक कार्यों की समीक्षा, नई योजनाओं पर चर्चा तथा भविष्य की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। आयोजकों का मानना है कि राष्ट्रपति की उपस्थिति से इस सम्मेलन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी और सामाजिक संगठनों को नई दिशा प्राप्त होगी।
कुल मिलाकर, 7 मार्च को सिलीगुड़ी में आयोजित होने वाला यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन न केवल सामाजिक संगठनों के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी से यह कार्यक्रम ऐतिहासिक बनने की उम्मीद है।
