February 17, 2026
Sevoke Road, Siliguri
Uncategorized bjp crime newsupdate Raju Bista sad news

शर्मनाक : गर्भवती आदिवासी महिला पर हमला और नवजात की मौत पर भड़के दार्जिलिंग सांसद राजू बिष्ट, निष्पक्ष जांच की मांग !

Shameful: Darjeeling MP Raju Bista furious over attack on pregnant tribal woman and death of newborn, demands impartial investigation!

दार्जिलिंग के सांसद Raju Bista ने एक गर्भवती आदिवासी महिला पर हुए कथित बर्बर हमले और उसके नवजात शिशु की मौत के मामले में गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

घटना के संबंध में बताया गया है कि 23 दिसंबर को एक गर्भवती आदिवासी महिला पर मोहम्मद कादिर अली और उसके सहयोगियों द्वारा कथित रूप से बेरहमी से हमला किया गया। इस हमले के परिणामस्वरूप महिला को गंभीर चोटें आईं। 8 जनवरी को उसने समय से पहले एक बच्चे को जन्म दिया, जो हमले के कारण गंभीर रूप से घायल था। दुखद रूप से, नवजात शिशु तीन दिन से अधिक जीवित नहीं रह सका और उसकी मृत्यु हो गई।

स्थानीय लोगों के अनुसार, दिसंबर में ही इस हमले के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस ने कथित तौर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। सांसद राजू बिष्ट का आरोप है कि बच्चे की मृत्यु के बाद ही पुलिस हरकत में आई और अब तक केवल एक आरोपी को ही गिरफ्तार किया गया है।

सांसद ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और न्याय की लड़ाई में हरसंभव समर्थन देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल अमानवीय है, बल्कि आदिवासी समुदाय की सुरक्षा और अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

राजू बिष्ट ने यह भी दावा किया कि हमला उस समय हुआ जब पीड़ित परिवार ने अपनी पुश्तैनी जमीन के अवैध हस्तांतरण का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि किसी आदिवासी परिवार की जमीन का इतनी आसानी से किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर हस्तांतरण हो जाना अत्यंत चिंताजनक है। उनके अनुसार, बिना भू-अभिलेख एवं भूमि सुधार कार्यालय (BLRO) और रजिस्ट्रार कार्यालय से जुड़े अधिकारियों की मिलीभगत या घोर लापरवाही के ऐसा संभव नहीं है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

सांसद ने दार्जिलिंग पहाड़, तराई और डूआर्स क्षेत्र में तेजी से बदलती जनसांख्यिकीय स्थिति के बीच आदिवासी समुदाय पर बढ़ते अत्याचारों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज हमारे अपने घरों में हमारी बेटियों की अस्मिता सुरक्षित नहीं है, जो अत्यंत गंभीर विषय है।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पीड़ित आदिवासी परिवार को शीघ्र न्याय नहीं मिला, तो पूरा उत्तर बंगाल क्षेत्र आंदोलन की राह पर जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि न्याय में देरी के कारण यदि विरोध प्रदर्शन होते हैं, तो उसकी जिम्मेदारी पश्चिम बंगाल सरकार की होगी।

सांसद ने पश्चिम बंगाल पुलिस से आग्रह किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों को कानून के सबसे कड़े प्रावधानों के तहत सजा दिलाई जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *