February 19, 2026
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विष्णु प्रसाद शर्मा के TMC ज्वाइन करने से BJP को कितना नुकसान और TMC को कितना लाभ!

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कर्सियांग के भाजपा विधायक विष्णु प्रसाद शर्मा टीएमसी में शामिल हो चुके हैं. उन्होंने भाजपा से टीएमसी में शामिल होने की वजह भी बताई है. उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की काफी तारीफ की है, जो स्वाभाविक भी है और भाजपा तथा चुनाव आयोग को आडे हाथों लिया है, यह भी स्वाभाविक है. काफी समय से विष्णु प्रसाद शर्मा खुद को भाजपा के विधायक नहीं मान रहे थे. उनके पूर्व के बयानों से भी पता चलता है.

पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की आंधी में पहाड़ की तीन विधानसभा सीटों में दो पर भाजपा का कब्जा हुआ था. इसमें कर्सियांग और दार्जिलिंग सीट शामिल है. कालिमपोंग सीट पर अनित थापा की पार्टी जीती थी. विष्णु प्रसाद शर्मा आरंभ से ही राजनीति में महत्वाकांक्षी रहे हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में विष्णु प्रसाद शर्मा की यह महत्वाकांक्षा एकदम से छलांग लगाती चली गई. उन्होंने भाजपा के घोषित दार्जिलिंग लोकसभा उम्मीदवार राजू बिष्ट के खिलाफ ताल ठोक दी थी और पार्टी के समझाने बुझाने के बावजूद भी निर्दलीय चुनाव लड़ा था. हालांकि उन्हें भारी पराजय का सामना करना पड़ा था.

राजू बिष्ट चुनाव जीते. यहीं से विष्णु प्रसाद शर्मा को एहसास होने लगा कि भाजपा से बगावत करके वह भाजपा के साथ नहीं रह सकते और ना ही अपनी महत्वाकांक्षा को परवान चढ़ा सकते हैं. दार्जिलिंग लोकसभा का चुनाव हारने के साथ ही विष्णु प्रसाद शर्मा ने अपनी रणनीति के तहत भाजपा से दूरी और टीएमसी से नजदीकियां बढ़ानी शुरू कर दी. खबर समय के लेटस टॉक कार्यक्रम में भी विष्णु प्रसाद शर्मा ने अपनी बात रखी थी और अपनी महत्वाकांक्षा को साफ सुथरी राजनीति का एक अंग बताया था.

विष्णु प्रसाद शर्मा के करीबी और राजनीति के जानकार बताते हैं कि श्री शर्मा ने टीएमसी में ज्वाइन करने के लिए लंबे समय से प्रयास शुरू कर दिया था. उन्हें अच्छी तरह पता था कि पहाड़ में कांग्रेस का कोई वजूद नहीं है और राष्ट्रीय पार्टियों में भाजपा का एकमात्र विकल्प TMC ही है. विष्णु प्रसाद शर्मा पहाड़ का कोई क्षेत्रीय दल ज्वाइन करना नहीं चाहते थे. क्योंकि इससे उनकी महत्वकांक्षा पूरी नहीं हो सकती थी. इसलिए उन्होंने टीएमसी में ही जाने का फैसला किया. आज टीएमसी में ज्वाइन करके उन्होंने जैसे अपने सपने को पूरा करने का एक अवसर पा लिया है.

सवाल यह है कि टीएमसी में शामिल होकर विष्णु प्रसाद शर्मा पार्टी का कितना बेड़ा पार कर पाएंगे और सवाल यह भी है कि उनके टीएमसी में शामिल होने से भाजपा को कितना नुकसान होगा. जहां तक भाजपा के नुकसान की बात है, इसका जवाब सिलीगुड़ी से भाजपा विधायक डॉक्टर शंकर घोष ने दे दिया है. उन्होंने कहा है कि लोकसभा चुनाव के समय से ही विष्णु प्रसाद शर्मा ने दूसरी पार्टी में शामिल होने का मन बना लिया था. हालांकि उन्हें इसका अवसर नहीं मिल रहा था.उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि विष्णु प्रसाद शर्मा शुरू से ही टीएमसी ज्वाइन करना चाहते थे. लेकिन उन्हें अवसर नहीं मिल रहा था.

शंकर घोष ने कहा कि विष्णु प्रसाद शर्मा के टीएमसी में शामिल होने से भाजपा को कोई नुकसान नहीं होने वाला है. क्योंकि उनके बारे में मतदाता भी जान चुके थे कि वे भाजपा से बगावत करके भाजपा में नहीं रह सकते हैं. वे कभी भी किसी अन्य दल में शामिल हो सकते हैं. रही बात कि उनके टीएमसी में शामिल होने से टीएमसी को कितना लाभ होगा, तो यह तो टीएमसी के नेता ही बता पाएंगे.

राजनीतिक जानकर भी मानते हैं कि विष्णु प्रसाद शर्मा को एहसास हो गया था कि इस बार भाजपा उन्हें टिकट नहीं देने वाली है. इसलिए उन्होंने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को परवान चढ़ाने के लिए टीएमसी में जाने का अवसर तलाश किया और आज टीएमसी में शामिल हो गए. सवाल तो यह भी है कि क्या टीएमसी उन्हें कर्सियांग से उम्मीदवार बनाएगी?

आज विष्णु प्रसाद शर्मा ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि जिस तरह से एस आई आर के नाम पर चुनाव आयोग और भाजपा ने बंगाल के मतदाताओं के साथ छल किया है, उससे कई वास्तविक वोटर भी आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान नहीं कर सकेंगे. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंगाल की जनता के अधिकार के लिए संघर्ष किया है और उनके संघर्ष में मैं उनका साथ देने आया हूं. ममता बनर्जी का विजन मुझे काफी पसंद है. इसी से प्रभावित होकर मैंने टीएमसी में योगदान किया है. उन्होंने कहा है कि पश्चिम बंगाल की जनता भाजपा को 2026 के चुनाव में जवाब देगी.

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