February 20, 2026
Sevoke Road, Siliguri
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सावधान! बिहार में बच्चा चोरी की बढ़ती घटनाएं सिलीगुड़ी में खतरे की घंटी!

बिहार के कई जिलों में बच्चा चोरी की बढ़ती घटनाओं ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है. सारण, सिवान, गोपालगंज समेत बिहार के अनेक जिलों में कई बच्चों के गायब होने और बच्चा चोर पकड़े जाने के बाद लोगों का गुस्सा उबाल पर है. लोग प्रशासन से सवाल कर रहे हैं. प्रशासन के द्वारा बच्चा चोरों के खिलाफ कार्रवाई समय पर भले ही ना हो, पर पकड़े जाने पर लोग खुद ही बच्चा चोर की धुनाई कर देते हैं.

अब बिहार के कई जिलों में खासकर उन इलाकों में जहां बच्चा चोरी की घटनाएं बढ़ रही है, प्रशासन के द्वारा आम जनता को माइक के द्वारा सजग किया जा रहा है. इसके अलावा प्रभावित इलाकों में पुलिस गश्त भी बढ़ा दी गई है. अब तक दो दर्जन से ज्यादा बच्चों की चोरी का दावा किया जा रहा है. हालांकि प्रशासन के द्वारा इसका कोई अधिकृत आंकड़ा सामने नहीं आया है.

सिलीगुड़ी और पश्चिम बंगाल के अन्य जिलों के लिए बिहार की घटनाएं खतरे की घंटी इसलिए भी है कि जलपाईगुड़ी जिले में हाल ही में बच्चा चोरी की घटनाएं देखी गई है. पूर्णिया में कैंप लगाकर देसी जड़ी बूटी बेचने वाले खानाबदोश लोगों के पकड़े जाने के बाद बंगाल पुलिस भी सजग है.

लोगों का कहना है कि बच्चा चोर पूरे राज्य में फैले हुए हैं. इनमें महिलाएं अधिक सक्रिय हैं. आरोप है कि एक नेटवर्क के तहत सड़क पर चलते बच्चों को बहला फुसलाकर महिलाएं उठा लेती हैं और मानव तस्कर के सुपुर्द कर देती हैं. यह मानव तस्कर बच्चों के महत्वपूर्ण अंग निकाल कर बिक्री कर देते हैं.

बिहार में बच्चा चोरी की अलग-अलग घटनाओं में महिला और पुरुषों का नेटवर्क काम कर रहा है. नेटवर्क से जुड़ी महिलाओं को मोटा कमीशन मिलता है. यह महिलाएं सामान बेचने के बहाने घर में घुस जाती हैं और मौका देखकर घर में खेल रहे बच्चे को उठा ले जाती है. जब तक लोगों को पता चलता है, तब तक देर हो चुकी होती है. कुछ महिलाएं पकड़ी भी गई हैं. पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है.

बिहार में बच्चों की चोरी के तरीके अलग-अलग घटनाओं में अलग-अलग हैं. कहीं दुकान से बच्चों को उठाया जा रहा है तो कहीं रास्ता चलते बच्चों को उठा लिया जाता है. बच्चा चोरी और अपहरण की घटना में पुरुष और स्त्रियों की अलग-अलग भूमिका होती है. यह लोग विभिन्न तरह के स्वांग भरकर बच्चों का किडनैप कर लेते हैं और मानव तस्कर गिरोह के सुपुर्द कर देते हैं, जहां से उन्हें मोटा पैसा मिलता है.

जलपाईगुड़ी जिले की एक घटना में पूर्णिया में देसी जड़ी बूटी बेचने वाले एक खानाबदोश का नाम सामने आया है और जलपाईगुड़ी पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में लिया है. कुछ समय पहले सिलीगुड़ी में भी इस तरह की घटना देखी गई थी. अब बिहार में बच्चा चोरी की जो घटनाएं बढ़ रही है, उसका पड़ोसी राज्य बंगाल में असर पडना तय है. ऐसे में पुलिस प्रशासन और आम लोगों को सतर्क हो जाने की जरूरत है.

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