सिक्किम में वर्षा का गंभीर अभाव, उत्तर बंगाल में अगले सात दिन शुष्क मौसम का अनुमान
सिलीगुड़ी: वर्ष 2026 की शुरुआत से ही पूर्वोत्तर भारत के पर्वतीय राज्य सिक्किम में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार जनवरी से 19 फरवरी तक राज्य के विभिन्न जिलों में 77 से 100 प्रतिशत तक वर्षा की कमी दर्ज की गई है। लगातार घटती बारिश ने अब संभावित जल संकट और भयंकर गर्मी की आशंका को जन्म दे दिया है।
आंकड़ों के मुताबिक उत्तरी सिक्किम में लगभग 100 प्रतिशत तक वर्षा का अभाव देखा गया है, जबकि दक्षिणी, पूर्वी और पश्चिमी जिलों में भी 90 प्रतिशत से अधिक की कमी बनी हुई है। आमतौर पर इस अवधि में होने वाली वर्षा की तुलना में इस बार बेहद कम बारिश हुई है। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी भी सामान्य से कम रही, जिससे प्राकृतिक जलस्रोतों के पुनर्भरण पर सीधा असर पड़ा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले हफ्तों में स्थिति नहीं सुधरी तो गर्मियों में पेयजल संकट गहरा सकता है। सिक्किम की अर्थव्यवस्था कृषि और पर्यटन पर आधारित है, ऐसे में कम वर्षा का प्रभाव सब्जी उत्पादन, बागवानी और स्थानीय किसानों की आय पर साफ दिखाई दे सकता है। इसके अलावा जंगलों में सूखे की स्थिति बनने से वनाग्नि की घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है।
इधर, उत्तर बंगाल में भी मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। सिलीगुड़ी, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार सहित कई जिलों में अगले सात दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जबकि सुबह हल्का कोहरा छाया रहता है।
सिलीगुड़ी में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान 14 से 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जैसे पहाड़ी इलाकों में सुबह-शाम हल्की ठंड बनी हुई है, लेकिन दिन में तेज धूप के कारण तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता नहीं होने और उच्च दबाव क्षेत्र के प्रभाव के कारण फिलहाल वर्षा की कोई प्रणाली विकसित नहीं हो रही है। यदि यही स्थिति बनी रही तो इस बार सामान्य से अधिक गर्मी पड़ने के आसार हैं।
हालांकि अभी किसी भी जिले के लिए विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन विशेषज्ञों ने जल संरक्षण और सतर्कता बरतने की अपील की है। प्रशासन भी हालात पर नजर बनाए हुए है।
कुल मिलाकर, पहाड़ से लेकर मैदान तक सूखा मौसम और लगातार बढ़ता तापमान इस बात की ओर संकेत कर रहा है कि इस बार गर्मी का तेवर कड़ा हो सकता है। अब सबकी निगाहें आने वाले दिनों के मौसम पर टिकी हैं।
