सिलीगुड़ी में काफी समय के बाद हिट एंड रन का यह एक ऐसा हृदय विदारक मामला सामने आया है, जहां एक चार पहिए वाहन ने दो लोगों को इस कदर हिट किया कि दोनों सड़क पर घसीटते हुए काफी दूर तक चले गए. वाहन चालक ऐसा निर्दयी निकला कि उसने घायलों को उनके हाल पर छोड़ दिया और गाड़ी लेकर फरार हो गया. सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट के ट्रैफिक अधिकारी अब तक लापता वाहन तथा वाहन चालक को ढूंढ नहीं पाए हैं. वाहन तथा वाहन चालक की तलाश में पुलिस एड़ी चोटी का जोर लगा रही है.
सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है कि वाहन चालक या तो नशे में था या फिर वाहन पर से उसका नियंत्रण हट गया था. जिसके कारण इस कदर हिट एंड रन का मामला सामने आया. प्राप्त जानकारी के अनुसार उस समय देर रात को एक युवक और युवती पानी टंकी पुलिस चौकी के पास सड़क के किनारे खड़े होकर बातें कर रहे थे. दोनों को पता नहीं था कि कुछ ही देर के बाद मौत उन्हें निगलने आ रही है. दोनों बातचीत करने में मशगूल थे कि इसी दौरान पीछे से एक चार पहिया वाहन ने उन्हें बुरी तरह हिट कर दिया.
हिट जबरदस्त थी. दोनों सड़क पर ही गिर गए. लेकिन वाहन चालक को जैसे अपनी गाड़ी पर नियंत्रण नहीं था. यही कारण था कि गाड़ी दोनों को उछालती-घसीटती हुई काफी दूर तक लेकर चली गई. इस दौरान दोनों बुरी तरह घायल हो गए. बाद में शायद वाहन चालक को अपनी गलती का एहसास हुआ होगा और उसने पकड़े जाने के भय से सड़क पर बुरी तरह लहूलुहान पड़े युवक युवती को उनके ही हाल पर छोड़कर फरार हो गया. बाद में सूचना मिलने पर दोनों घायलों को पुलिस ने सिलीगुड़ी जिला अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन तब तक युवक की मृत्यु हो चुकी थी.
क्योंकि रात के इस पहर में सड़क भी सुनसान हो जाती है. इसलिए वाहन चालक तेज स्पीड में गाड़ी चलाने लगते हैं. आमतौर पर रात्रि के समय ज्यादातर वाहन चालक नशे में होते हैं. ऐसे में गाड़ी पर से नियंत्रण हटना कोई आश्चर्यजनक बात नहीं होती. सूत्र बताते हैं कि इसी अवस्था में वाहन चालक ने दोनों को बुरी तरह कुचल दिया था. दोनों को हिट करने के बाद वह किधर चला गया, पुलिस सीसीटीवी फुटेज के सहारे यह पता लगाने की कोशिश कर रही है.
मिली जानकारी के अनुसार युवक, जिसका नाम शंकर छेत्री बताया जा रहा है, वह पानी टंकी नक्सलबाड़ी का रहने वाला था और सिलीगुड़ी में काम की तलाश में आया था. फिलहाल वह कोई छोटा-मोटा काम कर रहा था. परिजनों के अनुसार उस रात शंकर छेत्री एक बर्थडे पार्टी से अपनी महिला दोस्त के साथ घर लौट रहा था. शंकर छेत्री की बहन ने आरोप लगाया है कि किसी ने जानबूझकर उसे मारा है. क्योंकि वह सड़क के किनारे चल रहा था.
बहरहाल उसकी तो घटनास्थल पर ही मौत हो गई. जबकि उसके साथ खड़ी युवती बुरी तरह घायल अवस्था में सिलीगुड़ी जिला अस्पताल में पड़ी जीवन और मौत से संघर्ष कर रही है. हमें जो जानकारी मिल रही है, उसके अनुसार अगर जख्मी अवस्था में सड़क पर पड़े युवक और युवती को तत्काल चिकित्सा मिल गई होती, तो युवक की यूं ही जान नहीं गई होती!
लेकिन उन्हें सिलीगुड़ी जिला अस्पताल में भर्ती करने में काफी समय लग गया और तब तक शंकर छेत्री की मौत हो चुकी थी. स्थानीय लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं. पुलिस और वाहन चालक पर भी सवाल उठ रहे हैं. इसके साथ ही चर्चा यह भी है कि देर रात को सड़क के किनारे युवक और युवती क्यों खड़े थे. हालांकि पुलिस इस मामले में तफ्तीश करने में जुटी है और विभिन्न सूत्रों से जांच कार्य को आगे बढ़ा रही है.
यह घटना 19 फरवरी की देर रात की है. इसलिए पुलिस भी घटना को लेकर कड़िया जुटाने का प्रयास कर रही है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि पुलिस के संसाधन हर बार क्यों कमजोर साबित हुए हैं. अगर ऐसा नहीं होता तो वाहन चालक अब तक पुलिस की गिरफ्त में होता! सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट के ट्रैफिक डीसीपी बताते हैं कि पुलिस अधिकारियों को मामले की जांच के लिए कहा गया है और फरार वाहन चालक की सरगर्मी से तलाश की जा रही है.
सिलीगुड़ी में हिट एंड रन का मामला आए दिन सुर्खियों में रहता है. सेवक रोड, हिल कार्ट रोड और शहर के दूसरे स्थान और मार्गो में ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं. सेवक रोड में तो 1 साल में दो-दो सड़क दुर्घटनाओं के ऐसे मामले सामने आए, जो हिट एंड रन से जरा भी कम नहीं थे. लेकिन इसके बावजूद ना तो वाहन चालक सुधरे हैं और ना ही दुर्घटना रोकने के पुलिस के उपाय ही कारगर साबित हो पाए हैं. आम तौर पर देखा जाता है कि जब कोई सड़क दुर्घटना होती है तो कुछ दिनों तक पुलिस की ताम-झाम रहती है. उसके बाद सब कुछ सामान्य हो जाता है. ऐसी दुर्घटना भविष्य में ना घटे, इसके लिए जरूरी है कि ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली में बदलाव हो. इसके साथ ही वाहन चालक ट्रैफिक नियमों के पालन के प्रति strict रहें.
