क्या आप नेपाल में घूमने जाना चाहते हैं? क्या आप नेपाल में कारोबार करना चाहते हैं? क्या आप नेपाल में कुछ वक्त बिताना चाहते हैं? तो इसके लिए आपको जेब पहले से ज्यादा ढीली करनी होगी. इसके साथ ही आपकी पूर्ण स्वतंत्रता पर भी ग्रहण लग सकता है.अगर नेपाल सरकार की नियमावली और आदेश का पालन नहीं किया तो आपकी गाड़ी भी जब्त हो सकती है. ऊपर से आपका ऊपरी खर्च इस कदर बढ़ जाएगा कि आप दोबारा ऐसी गलती नहीं करेंगे.
हाल के दिनों मे नेपाल की बालेन सरकार के द्वारा जो भी कदम उठाए जा रहे हैं कम से कम भारत और नेपाल की जनता को लगता है कि यह काफी कठोर कदम है और सरकार को इससे बचना चाहिए. कुछ लोग भारत और नेपाल के रिश्तों की दुहाई देते हैं. पर सरकार तो अलग ही राग अलाप रही है. सरकार को नेपाल की अर्थव्यवस्था में सुधार लाना है और इसीलिए एक पर एक सख्त कदम उठाती जा रही है.
नेपाल की सरकार ने नेपाल के लिए आरंभ में कुछ अच्छे कदम उठाए थे, जिसकी खूब चर्चा हुई थी. जैसे प्राइवेट स्कूल को खत्म करना, सरकारी कर्मचारियों को महीने में दो बार सैलरी का भुगतान करना, इत्यादि फैसलों के लिए बालेन सरकार की तारीफ की जा रही थी. लेकिन अब भारत और नेपाल के रिश्ते के संदर्भ में उठाए गए कदमों की आलोचना भी हो रही है.
नेपाल की बालेन सरकार पहले ही सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले भारत और नेपाल के नागरिकों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है. अगर भारत और नेपाल के लोग एक दूसरे की सीमा में घुसकर ₹100 से ज्यादा की खरीदारी करते हैं तो टैक्स देना होगा. अगर नेपाल का कोई नागरिक भारत में घुसकर खरीदारी करता है तो ₹100 का सामान ही खरीद सकता है, जिस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. लेकिन ₹100 से ज्यादा होने पर भंसार शुल्क आपसे लिया जाएगा. इसको लेकर काफी हंगामा भी हो चुका है. न केवल भारत में ही बल्कि नेपाल में भी लोग इस फैसले के खिलाफ हैं.
अब नेपाल सरकार ने इससे भी ज्यादा कठोर कदम उठाया है. अगर आप नेपाल जाना चाहते हैं तो 30 दिन से ज्यादा नेपाल में आप ठहर नहीं सकते. अन्यथा आपकी गाड़ी को जब्त कर लिया जाएगा. इतना ही नहीं शुल्क इतना ज्यादा हो जाएगा कि आपके लिए यह एक बड़ी मुसीबत बन सकती है. कोई माल वाहक वाहन भारत से नेपाल में एंट्री करता है तो ₹1500 भंसार शुल्क देना होगा और वाहन की वापसी 72 घंटे में करनी होगी. चाहे पर्यटक हो या वाहन चालक सभी के लिए नियम कठोर कर दिया गया है.
अगर आप निश्चित समय से एक दिन भी ज्यादा रूके तो आपकी शामत आ सकती है. पेनल्टी देना होगा. उसके बावजूद भी आपको नेपाल छोड़ना ही होगा. हां अगर आप केवल 12 घंटे के लिए नेपाल जाना चाहते हैं तो आपको कोई शुल्क नहीं देना होगा. सिर्फ घूमने फिरने के लिए तो यह एक अच्छा कदम है, परंतु व्यापारिक दृष्टिकोण से यह एक महंगा कदम कहा जा सकता है. क्योंकि कई बार लोगों को नेपाल में महीनों महीनों तक रुकना पड़ता है. जरा सोचिए कि अगर आप एक व्यापारी हैं तो आप इतना पेनाल्टी भर देंगे कि कमाई कम हो जाएगी और खर्च ज्यादा.
नेपाल सरकार ने डिजिटल आईडेंटिफिकेशन को भी अनिवार्य कर दिया है. अब नेपाल जाने के लिए आपको तमाम सबूत दिखाने होंगे. अपनी व्यक्तिगत पहचान साबित करनी होगी. हालांकि यह नियम पहले से ही है. लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के बाद यह अनिवार्य बन गया है. इसलिए आप यह मत समझिए कि नेपाल सरकार आप पर नजर नहीं रख रही है. बल्कि नेपाल सरकार आपकी हर गतिविधि पर नजर रख रही है. बहरहाल नेपाल की बालेन शाह सरकार के इस फैसले के बाद नेपाल की राजनीति में इसकी प्रतिक्रिया किस रूप में सामने आती है, यह देखना होगा.
