क्या आप बेरोजगार हैं? क्या आपके आसपास उद्योग धंधे, कल कारखाने नहीं है? तो चिंता करने की बात नहीं है. जल्द ही बंगाल की नई भाजपा सरकार एक ऐसी उद्योग नीति ला रही है, जहां हर हाथ को मिलेगा काम और उद्योग धंधों का होगा विस्तार. अब ज्यादा समय नहीं है, जब कोलकाता भी उद्योग नगरी के रूप में विकसित होगा.
किसी समय कोलकाता की पहचान चटकल मिलें थीं, जहां काम करने के लिए देश के दूर-दूर राज्यों से श्रमिक और सामान्य लोग आते थे. लेकिन आज हालात यह है कि बंगाल से रोजी-रोटी कमाने के लिए लोग दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और दक्षिण के राज्यों में जा रहे हैं.नई भाजपा सरकार ने नए संकल्प के साथ बंगाल को उद्योग धंधों के स्तर पर पुनर्निर्माण और विकास का वादा किया है. इसका संकेत बंगाल चैंबर आफ कॉमर्स इंडस्ट्रीज की बैठक में मिल गया है.
इस बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि हमारी सरकार बंगाल को नंबर वन तथा उद्योग धंधों के रूप में नई पहचान दिलाने के लिए कृत संकल्प है. पिछली सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठाया, ना ही निवेशकों की मांगों पर ध्यान दिया गया. यही कारण है कि पिछले 15 सालों में यहां एक भी उद्योग धंधा नहीं लगा.
अब राज्य में उद्योग धंधों के लिए निवेशकों की बड़ी मांग को मान लिया है. निवेशकों के लिए अनुबंध खेती की आवश्यकता होती है, जिसके लिए पिछली सरकार तैयार नहीं थी. इसके अलावा शहरी भूमि सीमा अधिनियम की त्रुटियों को दूर करने का कोई प्रयास नहीं किया गया. जबकि उद्योग धंधों के विकास के लिए यह आवश्यक होता है. लिहाजा यहां के उद्योगपति दूसरे प्रदेशों की ओर कूच कर गए. पिछली सरकार ने उद्योगपतियों के साथ कोई सकारात्मक सहयोग नहीं किया, जिसके कारण उन्होंने बाहर का रूख करना शुरू कर दिया.
बंगाल चैंबर ऑफ कॉमर्स की बैठक में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने संकेत दिया है कि उद्योग धंधों के विस्तार के लिए भाजपा सरकार भूमि की नई नीति लाएगी तथा अनुबंध खेती को प्रोत्साहन दिया जा सकता है. इसके अलावा यहां उद्योग धंधों के विस्तार में सभी तरह की रुकावटें जैसे कटमनी आदि को दूर कर अन्य दूसरी सभी मांगों पर विचार करके एक नई नीति बनाई जाएगी, ताकि यहां उद्योग धंधों का विस्तार हो सके.
प्रदेश में भाजपा सरकार के गठन के साथ ही भाजपा सरकार एक पर एक बड़े-बड़े कदम उठा रही है. यहां उत्तर प्रदेश मॉडल के आधार पर अवैध कब्जे अथवा अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर नीति भी चल रही है, तो हरियाणा और महाराष्ट्र के मॉडल पर उद्योगों के विस्तार के लिए नई जमीन नीति की भी कवायद चल रही है. राज्य में अवैध टोल टैक्स प्रणाली को पहले ही समाप्त कर दिया गया है. सभी जिला मजिस्ट्रेट को इस संबंध में अवगत करा दिया गया है
. हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि राज्य सरकार उद्योग धंधों के विकास के लिए कौन सी ठोस नीति ला रही है. पर इतना तो तय है कि नयी बीजेपी सरकार इस संदर्भ में कुछ महत्वपूर्ण कदम उठा सकती है. इसी तरह से यह भी संकेत मिल रहा है कि राज्य में शिक्षक भर्ती घोटाला के संबंध में भी सरकार अदालत के आदेश का अनुपालन करेगी सूत्र बता रहे हैं कि नौकरी से हटाए गए सभी शिक्षकों को वेतन वापसी करनी होगी
