आज हमारा समाज किस दिशा में जा रहा है? आज के युवक युवतियां शादी विवाह को लेकर क्या सोचते हैं? इस तरह की कई घटनाएं हमारे समाज में आए दिन घटती रहती हैं? आधुनिक होते समाज में कभी पुरुष की ओर से तो कभी महिला की ओर से वैवाहिक और पारिवारिक रिश्तों का मजाक बनाया जाता है. किसी समय बड़े बुजुर्गों ने शादी विवाह के बंधन को लेकर जो पौराणिक बातें की थी, आधुनिक समय में वे पुरानी परंपराएं इतिहास बनती जा रही हैं. यही कारण है कि समाज में नाना प्रकार के विद्वेष, असुरक्षा, अशांति और उन्माद की घटनाएं बढ़ रही हैं.
यह घटना भले ही पुणे की हो, परंतु यह हमारे और आपके बीच की घटना है. स्वतंत्रता का नाजायज फायदा उठाने का परिणाम अक्सर बुरा होता है. यहां जिस कहानी का उल्लेख किया जा रहा है, वह पुलिस सूत्रों तथा सोशल मीडिया में चल रहे प्रकरणों पर आधारित है. सिया गोयल एक फल कारोबारी की बेटी है और केतन अग्रवाल रियल एस्टेट कारोबारी और सक्सेस ग्रुप के डायरेक्टर विशाल अग्रवाल का बेटा था. दोनों की सगाई हो चुकी थी.
सिया की उम्र 20 साल जबकि केतन अग्रवाल 26 साल का था. दोनों के बीच गहरी दोस्ती और प्रेम था. सोशल मीडिया पर उनके कई पोस्ट इस समय वायरल हो रहे हैं, जहां केतन अग्रवाल और सिया गोयल के बीच लव स्टोरी, रोमांस, एक दूजे के साथ जीने मरने की चाहत के अलावा समर्पण भी है. दोनों शादी करने जा रहे थे. लेकिन उससे पहले ही सिया गोयल ने एक सुनियोजित साजिश के तहत अपने मंगेतर की हत्या कर दी. आखिर क्यों?
चलते हैं इस कहानी की पृष्ठभूमि में. सिया की जिंदगी में लगभग 3 साल पहले चेतन चौधरी आया था. सिया को चेतन केतन से भी ज्यादा अच्छा लगा और वह मन ही मन चेतन से प्यार करने लगी. उन दोनों के बीच लगभग तीन वर्षों से दोस्ती चली आ रही थी. उनकी यह दोस्ती कब मोहब्बत में बदल गई, कुछ पता ही नहीं चला. उधर केतन सिया से प्रेम कर रहा था. लेकिन क्या सिया भी केतन से प्रेम करती थी, यह जाने बगैर उसने सिया से विवाह का प्रस्ताव कर दिया था.
सिया के सपनों का राजकुमार केतन नहीं बल्कि चेतन था. सिया चेतन के लिए अपनी जान दे सकती थी. उसके ऊपर इस तरह की खुमारी थी. जिससे केतन अनजान था. उधर गुप्त रूप से चेतन और सिया के बीच 1 जनवरी से 18 जून तक 2000 से भी ज्यादा बार कॉल हुए. इससे पता चलता है कि दोनों के बीच कैसी दीवानगी थी. उनके मिलन के मार्ग में केतन कांटा बना हुआ था. लिहाजा सिया और चेतन ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया.
अपनी योजना के तहत सिया केतन को दो-दो बार लोहाघाट किला घुमाने लेकर गई और दोनों ही बार उसने केतन को मारने की कोशिश की. लेकिन पहली बार में केतन बच गया. जबकि 14 जून को हुए हादसे में वह मौत के मुंह में चला गया. सिया ने केतन को खाई में काफी दूर तक धकेल दिया, जहां से उसे बचकर आना संभव नहीं था. अगर पहली बार की घटना में ही केतन ने सिया की चाल को भाप लिया होता तो शायद आज वह जिंदा होता. लेकिन उसके सर पर सिया के प्यार का भूत सवार था. इसलिए वह कुछ और देख नहीं पाया और हमेशा के लिए मौत के मुंह में चला गया.
इसी नवंबर में दोनों की शादी होनी थी. उनकी शादी के लिए राजस्थान में 17 करोड रुपए का एक पैलेस बुक किया गया था. मेहमानों के लिए दो चार्टर्ड प्लेन बुक कराए गए थे. ऐसी शाही शादी और ऐसी दर्दनाक मौत और मौत की जिम्मेदार माशूका मंगेतर, जिसने उसके साथ जीने और मरने की कसम खायी थी. पुलिस ने केतन अग्रवाल की हत्या के अपराध में सिया गोयल तथा उसके प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पूरे प्रकरण की पुलिस जांच कर रही है. महाराष्ट्र की यह घटना राष्ट्रीय सुर्खियों में है. जब आजादी एक सीमा से अधिक हो जाए तो इसका दुरुपयोग बढ़ जाता है. यह घटना उन लड़कियों के लिए सबक है ,जो शादी विवाह को एक मजाक समझती है!
